एप के प्रयोग से निजता उल्लंघन और सायबर फ्राड भी संभावना पर जताई चिंता
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 7 जनवरी 2026 - शिक्षा विभाग में ऑनलाइन अटेंडेंस के लिए जारी VSK एप का प्रधान पाठको ने विरोध कर बहिष्कार कर जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा को ज्ञापन दिया। जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा को ज्ञापन देकर शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को ऑनलाइन उपस्थिति एप के संबंध में बताया गया कि इस एप को डाउनलोड करने पर लोकेशन, गैलरी, वीडियो की अनुमति मांगी जाती है। यह एप चुकी शिक्षको की निजी मोबाइल में उपयोग किया जाएगा। जिसमे शिक्षको की निजी जानकारी, बैंक डिटेल, आधार और पैन कार्ड जैसी जानकारियां सुरक्षित रहती है। एप के प्रयोग से निजता का उल्लंघन और सायबर फ्राड भी संभावित है। किसी शिक्षक की निजी जानकारी सार्वजनिक हो जाती है या वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो इसका जवाबदार कौन होगा?
प्रधान पाठको का यह भी कहना है कि मोबाइल शिक्षक की निजी संपत्ति है, इसको खरीदने, रिचार्ज कराने का खर्च शिक्षक स्वयं वहन करते है।निजी संपत्ति का कैसे प्रयोग करना है शिक्षक का विशेषाधिकार है। परंतु निजी मोबाइल में सरकारी एप का उपयोग कराना और दबाव डालना अनुचित है। प्रधान पाठको का कहना है कि हम शासन की मंशा का विरोध नही करते, बल्कि ऑनलाइन अटेंडेंस करने को तैयार है, बशर्ते विभाग इसके लिए बायोमेट्रिक डिवाइस और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराए अथवा शासन अपने खर्च से सभी शालाओं को मोबाइल फोन और प्रधान पाठक को इंटरनेट खर्च का भुगतान करे। आज के ज्ञापन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हेडमास्टर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश सिंह बिसेन, प्रदेश सचिव त्रिभुवन वैष्णव, महिला मोर्चा प्रभारी किरण राजपुत, जिला सचिव चंद्रशेखर तिवारी, ब्लॉक अध्यक्ष अनिल जांगडे, बृजपाल डाहीरे, स्वप्निल मनोज पटेल, मुकेश शर्मा, संगीता भगत, लक्ष्मी छेदैहा, शेरसिंह राजपूत, रमेश तिवारी, बलदाऊ जायसवाल, गणेश देवांगन, आशा चंदेल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक और प्रधान पाठक शामिल रहे। संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमलेश सिंह बिसेन ने बताया कि आज बेमेतरा सहित अनेक जिलों में हमारा ज्ञापन का कार्यक्रम हो रहा है। इसके बाद भी अगर विभाग नही चेती तो धरना प्रदर्शन भी किया जाएगा। प्रदेश के किसी शिक्षक को दबावपूर्वक एप डाउनलोड करने पर मजबूर नही होने देंगे। साथ ही सरकार से निवेदन भी किया शिक्षको की चिंताओं का निराकरण करते हुवे ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे विभाग में काम की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़े।