बीएमओ, बीपीएम एवं सेक्टर मेडिकल अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी
सीएमएचओ ने समीक्षा बैठक में दिए गुणवत्ता और मृत्यु दर में कमी पर विशेष जोर
बेमेतरा 12 जून 2026 - जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर की अध्यक्षता में सीएमएचओ कार्यालय सभाकक्ष में जिले के समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारियों (BMO), ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजरों (BPM) एवं सेक्टर मेडिकल ऑफिसर्स की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, वित्तीय प्रबंधन तथा ऑनलाइन मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई।
अनियमितता पर संबंधित जवाबदार
बैठक में सीएमएचओ डॉ. रोहलेडर ने सभी अधिकारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की गाइडलाइन के अनुरूप वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी व्ययों की बुकिंग नियमानुसार की जाए तथा लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) एवं व्यय प्रमाण पत्र (CC) समय पर प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
ऑनलाइन कार्य व कर्मचारियों की जानकारी
ऑनलाइन मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली को अद्यतन रखने पर जोर देते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का डाटा SPARROW पोर्टल पर शत-प्रतिशत अपडेट करने तथा HRP Management में रिक्त पदों, पदस्थापना, स्थानांतरण एवं ज्वाइनिंग संबंधी जानकारी तीन दिवस के भीतर दर्ज करने के निर्देश दिए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
समीक्षा के दौरान डॉ. रोहलेडर ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के तहत गर्भवती महिलाओं की समय पर जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) की पहचान एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि जननी पोर्टल पर प्रत्येक गर्भवती महिला का पंजीयन, चार अनिवार्य एएनसी जांच तथा प्रसव संबंधी जानकारी रियल टाइम में दर्ज की जाए। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और शून्य होम डिलीवरी के लक्ष्य की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा
बैठक में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी बच्चों का U-WIN पोर्टल पर पंजीयन कर टीकाकरण की जानकारी उसी दिन दर्ज की जाए। शून्य डोज एवं ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर विशेष सत्र आयोजित करते हुए उन्हें टीकाकरण से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए।
मातृ मृत्यु दर (MMR) एवं शिशु मृत्यु दर (IMR) में कमी लाने के लिए प्रत्येक मृत्यु प्रकरण की समयबद्ध समीक्षा, कारणों का विश्लेषण तथा गैप एनालिसिस रिपोर्ट तैयार करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही SNCU, NBSU एवं HDU इकाइयों की प्रभावी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
सघन कुष्ठ खोज अभियान टीमों को प्रशिक्षित
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए सीएमएचओ ने 15 जून से प्रारंभ होने वाले सघन कुष्ठ खोज अभियान (LCDC) की माइक्रोप्लानिंग पूर्ण करने तथा फील्ड टीमों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए। वहीं टीबी मुक्त पंचायत अभियान में तेजी लाने, टीबी नोटिफिकेशन दर 90 प्रतिशत से अधिक बनाए रखने तथा सभी पात्र मरीजों को निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत डीबीटी का लाभ सुनिश्चित करने को कहा। आगामी पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए हाई रिस्क क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
डेटा का सुरक्षित संकलन व दर्ज
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. रोहलेडर ने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में डेटा की शुद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जननी, यू-विन, निक्षय एवं SPARROW पोर्टलों पर सही एवं समयबद्ध जानकारी दर्ज करने, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी, रेफरल व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा फील्ड विजिट बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
उपस्थिति
बैठक में जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला कुष्ठ अधिकारी, जिला क्षय अधिकारी सहित जिले के सभी विकासखण्डों के BMO, BPM एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।