नवधा रामायण सम्मेलन साजा में मानस गान लोक शैली में हो रहा प्रस्तुत
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/साजा 07 जनवरी 2026 - लोक शैली की सुमधुर गायन वादन और मानस की सरस व्याख्या के लोक सांस्कृतिक अनुष्ठान नवधा रामायण सम्मेलन नगर पंचायत साजा में श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं मानस परिवार द्वारा चार दिवसीय नवधा रामायण सम्मेलन का आयोजन दुर्गा मंच बाजार चौक साजा में किया गया है। इसके अंतिम और चतुर्थ दिवस का मानस गान लोक शैली में प्रस्तुत की जा रही है। लोक परंपरा के इस आयोजन में गांव-गांव की मंडलियां छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से नगर पंचायत साजा में मानस गंगा की अविरल धारा को प्रवाहित करने में अपना योगदान सुनिश्चित कर रही हैं। आयोजकों द्वारा एक-एक घंटे का समय मानस मंडलियों को दी जा रही है, ताकि वे अपने गायन-वादन से दर्शक श्रोताओं को भावविभोर कर सकें।
लोक संस्कृति कर्मी एवं जनजाति शोधार्थी राम कुमार वर्मा ने बताया कि चोथे दिवस में सहभागिता करने वाली मंडलों द्वारा लोक शैली, कायाखंडी भजन और नवधा रामायण की प्राचीन शैली में बुजुर्गों द्वारा मानस गान संगीत वाद्य यंत्रों के साथ बेहद रोचक शैली में प्रस्तुत की जा रही है। इससे दर्शक श्रोता प्रातःकाल से लेकर देर रात्रि तक मंत्रमुग्ध होकर अपने में आध्यात्मिक जागृति लाने का प्रयास कर रहे हैं।
धनोरा कबीरधाम जिले के व्याख्याकार लखन लाल जंघेल ने परोपकार और दया को मनुष्य का श्रेष्ठ गुण-धर्म बताते हुए कहा कि इस मृत्यु लोक से यमपुर जाने के लिए राम नाम रपी टिकट कटा लेने की जरूरत है अर्थात् अपने सभी दैनिक कार्यों को राममम बनाते हुए श्रेष्ठ जीवन से लिए श्रोताओं को प्रेरणा दी गई। मानस पंक्तियों की व्याख्या के दरमियान तुलसी पत्र, गंगाजल आदि के महत्व को स्पष्ट करते हुए नर और नील द्वारा दुर्वासा ऋषि से अभिशप्त होने के बाद उनके हाथों फेंके गए पत्थरों कै पानी में ने डुबने का लाभ लेते हुए राम द्वारा सेतु बंधु रामेश्वर बांध बनाए जाने की चर्चा की गई। साथ ही राम नाम से तन, मन, कर्म पवित्र करने और कर्म की शुद्धि पर विशेष ध्यान देने की अपील मानस टीकाकार द्वारा की गई है। जन सहयोग से आयोजित इस चार दिवसीय नवधा सम्मेलन में स्थानीय दानदाताओं द्वारा सभी मंडलियों को सदग्रंथ, नगद राशि, श्रीफल एवं प्रोत्साहन राशि सभी मंडलों को प्रदान की जा रही है। इस आयोजन में नगर पंचायत अध्यक्ष हिमांशु वर्मा सहित हनुमान चालीसा पाठ के सदस्य वीरेंद्र निषाद, अजय यादव, सागर निर्मलकर, यशवंत शर्मा, दीपक, सुनील राजपूत, दीपक जायसवाल, दीपक वर्मा, गजेंद्र साहू, नानू सिन्हा, नमन साहू, आकाश ताम्रकार, लक्की सिन्हा भूपेंद्र सोनी, पवन सिन्हा एवं मंच संचालन में रामाधार पटेल व किशन साहू सक्रियता से सहयोग कर रहे हैं। अंतिम दिवस के आयोजन में काफी संख्या में दर्शक श्रोताओं की उत्साहजनक उपस्थिति के साथ मानस सदस्यों को प्रोत्साहन राशि भेंट कर सम्मानित करने की लोक परंपरा झलक रही है।