कलश यात्रा के साथ बारगांव में श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ
0 1 फरवरी को कृष्ण जन्मोत्सव व 2 को श्रीकृष्ण रूखमणी विवाह
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 28 जनवरी 2026 - बेमेतरा जिलें के बेरला ब्लाक के ग्राम बारगांव में श्रीमद भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के पहले दिन बुधवार की शाम 4 बजे मंगल कलश यात्रा के साथ श्रीमद भागवत कथा का शुभारंभ हुआ।
कथा स्थल से भव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें शामिल पीतांबर धारी महिलाएं व कन्याएं मंगल कलश सिर पर धारण कर प्रभु का गुणगान करते हुए चल रही थी। शोभा यात्रा का शुभारंभ कथा स्थल से प्रारंभ होकर शीतला मंदिर व विभिन्न मार्गो से होते हुए कथा स्थल पर आकर संपन्न हुई।
कथावाचक श्रीधाम वृंदावन से दीक्षा प्राप्त पूज्या श्रद्धा दीदी ने श्रीमद भागवत महापुराण की विधिवत पूजन कर मंत्रोच्चारण के साथ शोभायात्रा में शामिल होकर मंगल कलश यात्रा में सम्मिलित हुए। बुधवार को बैंड बाजा के साथ निकाली गई कलश यात्रा में भक्तजन भजन कीर्तन नाचते गाते चल रहे थे। इस मंगल कलश यात्रा में चौक-चौक में फूलों की भी वर्षा हुई। सभी ने कलश को कथा स्थल के मंच पर रख कर विधिवत पूजन पाठ कर अपने इष्ट देवता की आराधना में समर्पित रह कर प्रसाद को ग्रहण किया।
बारगांव के 9 दिवसीय श्रीमद भागवत कथा के पहले दिन कथावाचक श्रीधाम वृंदावन से दीक्षा प्राप्त पूज्या श्रद्धा दीदी के सानिध्य में विधि विधान के साथ विधिवत पूजन किया गया। उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत के अनुसरण से भक्तों का कल्याण होता है और जीवन में सुख व शांति का अनुभव होता है। श्रीमद भागवत कथा श्रवण करने का अवसर बड़े ही सौभाग्य से प्राप्त होता है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है वह तीर्थस्थल कहलाता है। प्रतिदिन दोपहर 1 से 5 बजे तक कथा का समय है। वहीं शाम 5 से 6 बजे प्रतिदिन जीवंत झांकी होगी।
श्रीमद भागवत कथा में 29 जनवरी को सृष्टि वर्णन, वराहावतार, 30 जनवरी को कपिल अवतार, ध्रुव चरित्र की कथा होगा। 31 जनवरी को प्रहलाद चरित्र व 1 फरवरी को श्रीराम कथा, श्रीकृष्ण जन्म, 2 फरवरी को बाललीला, श्रीकृष्ण रूखमणी विवाह होगी। वहीं 3 फरवरी को द्वारिका लीला, सुदामा चरित्र, 4 फरवरी को परीक्षित मोक्ष, चढोत्री, शोभायात्रा व 5 फरवरी को गीता सहसधारा, तुलसी वर्षा व हवन पूर्णाहुति होगी।
आयोजन को सफल बनाने में मनहरण वर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, मंगला यादव, चुम्मन वर्मा, श्याम, नागेश्वर साहू, ईश्वरी साहू, कमलनारायण सहित गांव के पदाधिकारी जुटे हुए हैं।
वृंदावन की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र
श्रीमद्भागवत कथा में श्रीधाम वृंदावन की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र है, क्योंकि यह भगवान कृष्ण की लीलास्थली है और कथा के दौरान राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती व अन्य देवी-देवताओं की सजीव और मनमोहक झांकियां सजाई जाएगी, जो भक्तों को भक्ति रस में डुबो देती हैं और वातावरण को दिव्य बना देती हैं। अपनी कथा में भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं, रासलीला, सुदामा-कृष्ण मिलन आदि के प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से जीवंत कर देते हैं।