श्री रामहर्षण कुंज साजा में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव एवं विवाह महोत्सव प्रारंभ, हुआ अभिषेक व राजतिलक
महोत्सव में आज बसंत उत्सव, प्रसादी भंडारा व बारात
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 22 जनवरी 2026 - श्री रामहर्षण कुंज साजा में तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव एवं विवाह महोत्सव प्रारंभ हुआ। जिसमें 22 जनवरी को सुबह श्री जानकी जीवन लाल जू का दिव्य एवं पावन अभिषेक हुआ, वहीं रात्रि में राजगद्दी महोत्सव हुआ। सैकड़ों संतों महात्माओं की उपस्थिति में हुये इन दोनों आयोजनों में जयकारे के उद्घोष से मंदिर प्रांगण गूंज उठा। वहीं आज 23 जनवरी को बसंत उत्सव, प्रसादी भंडारा व बारात कार्यक्रम का आयोजन होगा। जिसमें प्रभु श्रीराम की बारात का शोभा यात्रा नगर में भव्य बाजे गाजे के साथ निकला जाएगा।
श्री रामहर्षण कुंज में बसंत पंचमी को प्रतिवर्ष पाटोत्सव मनाया जाता है। इसके तहत सुबह 10 बजे ठाकुर जी का दिव्य अभिषेक प्रारंभ हुआ। जल, दूध, दही, घृत, मधु, शर्करा, सुगंधित तेल, औषधि, पंचामृत, ईख रस, गंधोदक, तीर्थ जल आदि से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ठाकुर जी का अभिषेक किया गया। आचार्य स्वामी अयोध्या दास के सानिध्य में आचार्य पं. मिथिलेश शास्त्री ने वैदिक विधि से अभिषेक संपन्न कराया। बधाई गीत गाये गये। पुजारियों सियाराम दास व प्रकाश शुक्ला ने पं. मृत्युंजय शुक्ला के सहयोग से अभिषेक किया। पं. संतोषी लाल पाराशर ने कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के समय तथा अन्य विशेष अवसरों में मूर्तियों के अभिषेक का विधान है। अभिषेक से मूर्तियों में सजीवता, शुद्धता, भव्यता, पवित्रता तथा तेज का संचार होता है। भावदृष्टि से दोषों का निवारण होता है।
रात्रि में ठाकुर जी का राजगद्दी महोत्सव हुआ। ठाकुर जी को सिंहासनारूढ़ कर राजतिलक किया गया तथा राजा राम की जय जयकार की गयी। राजा राम के शौर्य, वीरता के पदों का मधुर गायन किया गया, न्यौछावरी लुटायी गयी। दोनों उत्सवों का श्रद्धालुओं ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर संत भगवान दास, रामगोपाल दास, स्वामीशरण दास, संतोषीलाल पाराशर, महंत वैष्णव दास, नरेन्द्र दास, रामकिशोर दास, रामजिआवन दास, राम दास सहित अयोध्या, मिथिला, चित्रकूट, वृंदावन, प्रयागराज, पौड़ीधाम आदि तीर्थस्थानों के संत, महंत, श्रद्धालु उपस्थित थे।