जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा ने मनरेगा का नाम परिवर्तन करने पर जताया विरोध
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 21 दिसम्बर 2025 - जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा के द्वारा बेमेतरा शहर के हृदय स्थल पुराना बस स्टैंड स्थित नगर घड़ी चौक पर कांग्रेसियों ने जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना का नाम परिवर्तन कर जी राम जी किए जाने पर अपना विरोध प्रकट किया।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं और आम जनता को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि यह इस योजना का मात्र नाम परिवर्तन नहीं है, मोदी सरकार लोगों की आंखों में धूल झोंक कर मनरेगा कानून के जो मुख्य आधार स्तंभ है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काम की गारंटी मिलती है, उसे दबे पांव छीनना चाहती है। मनरेगा का नाम बदलने के पीछे कारण यह है कि मनरेगा में लोगों को काम का अधिकार मिलता था, ग्रामों को पूरी स्वतंत्रता थी कि वह अपनी आवश्यकता अनुसार ग्राम के विकास के लिए काम का चयन कर सकें, मजदूरों को उनके काम के बदले में पूरा वेतन दिया जाता था और मनरेगा का पूरा आर्थिक बोझ केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता था, जिससे राज्यों पर कोई किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं पड़ता था।
जबकि केंद्र सरकार द्वारा लाये जा रहे जी राम जी कानून में ग्रामीणों के लिए काम की कोई गारंटी नहीं है, इस योजना पर केंद्र का कहीं कोई नियंत्रण नहीं होगा। केंद्र सरकार इस योजना पर मात्र 40% राशि ही वहन करेगी, शेष 60% राशि राज्यों को वहन करना होगा। जिसके कारण पहले से ही कर्जे में दबे हुए राज्य 60% अपनी देनदारी से बचना चाहेंगे और राज्य में जी राम जी योजना को लागू नहीं करेंगे और इसका सीधा नुकसान राज्य के गरीब ग्रामीण मजदूरों को होगा, जिन्हें मनरेगा के माध्यम से आज तक 100 दिन कार्य की गारंटी मिला करती थी, वह अब रोजगार उनके हाथ से चलने जा रहा है।
हमेशा की तरह भाजपा सरकार इसे ढिंढोरा पीट कर बहुत अच्छी योजना बताने की कोशिश करेगी और जब परिणाम सामने आएगा तो हमेशा की तरह उसकी योजनाएं ढोल के अंदर पोल की तरह खोखली नजर आएगी, लेकिन इससे आम जनता, ग्रामीण जनता और ग्राम का विकास रुक जाएगा, नुकसान होगा, जिसके लिए कांग्रेस इस कानून का विरोध कर रही है।
पूर्व में भी जब भाजपा सत्ता में नहीं आई थी इस योजना का विरोध करती थी। भाजपा का विरोध महात्मा गांधी से है गरीबों के विकास से विरोध है, जबकि यही मनरेगा कानून कोरोना कल में ग्रामीण भारत के विकास की रीड बना था। आम जनता को इसी कानून के माध्यम से रोजगार प्राप्त हो सकता था, देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया था, भाजपा अपने गरीब विरोधी मंसूबे को कामयाब बनाने में लगी हुई है।
इस अवसर पर सुरेंद्र तिवारी, अवनीश राघव, टीआर जनार्दन, ललित विश्वकर्मा, सुमन गोस्वामी, मंगत साहू, प्रांजल तिवारी, चन्द्र प्रकाश साहू, जोगेंदर छाबड़ा, मनोज शर्मा, शशि प्रभा गायकवाड, सुशीला जोशी, रीता पांडे, जनता साहू, रूबी सलूजा, झम्मन बघेल, राजू साहू, नवीन ताम्रकार, सुनील नामदेव, प्रकाश ठाकुर, बहल वर्मा, ऋषि वर्मा, मोहित वर्मा, महानंद यदु, रमाकांत साहू, दिनेश जोशी, जगजीत सिंह, राजकुमार सेन, गुडडू सेन सहित कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।