ऊर्जा संरक्षण ना केवल ऊर्जा के अपव्यय को रोकता है बल्कि ऊर्जा उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण संरक्षण में करता है मदद - जिला अधिकारी क्रेडा आकाश शर्मा

ऊर्जा संरक्षण ना केवल ऊर्जा के अपव्यय को रोकता है बल्कि ऊर्जा उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण संरक्षण में करता है मदद - जिला अधिकारी क्रेडा आकाश शर्मा 

रजत जयंती पर क्रेडा विभाग बेमेतरा द्वारा जिले के समस्त शासकीय कार्यालयों एवं स्कूलों में करवाया जा रहा ऊर्जा संरक्षण का शपथ ग्रहण कार्यक्रम 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 15 दिसंबर 2025 - प्रत्येक वर्ष को राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस 14 दिसम्बर को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को ऊर्जा के महत्व और संरक्षण के बारे में जागरुक करना है। इसका आयोजन भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन कार्यरत् ऊर्जा दक्षता ब्यूरों द्वारा किया जाता है तथा राज्य स्तर पर क्रेडा (नोडल एजेन्सी) के माध्यम से किया जाता है। 
        यह दिवस ऊर्जा की खपत को कम करने और ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने पर केन्द्रीत है। छ.ग. रजत जयंती वर्ष 2025 अंतर्गत जिले में 14 दिसम्बर से 20 दिसम्बर तक ऊर्जा संरक्षण का सप्ताह मनाया जा रहा है। जिसमें राज्य शासन के निर्देश तथा कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में दिनांक 15.12.2025 को जिला मुख्यालय तथा जिले के विभिन्न विभागों के समस्त जिला एवं वि.ख. स्तरीय कार्यालयों के साथ जिले के समस्त स्कूलों में ऊर्जा संरक्षण का शपथ ग्रहण कर ऊर्जा संरक्षण हेतु जागरुकता कार्यक्रम किया जा रहा है। 
क्रेडा के जिला प्रभारी आकाश शर्मा ने  बताया कि ऊर्जा संरक्षण के सप्ताह में विभिन्न सेमिनार कार्यशालाए एवं जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किये जाते है। जिनमें ऊर्जा बचत के उपायों पर चर्चा होती है। ऊर्जा संरक्षण का अर्थ है गैर नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोंतों जैसे कोयला, पेट्रोलियम को बचाना, ताकि वे भविष्य की पीढ़ियों के लिये उपलब्ध रहे। 
           जागरुकता कार्यक्रमों के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा स्त्रोंतों जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा के उपयोग को अपनाने के लिये प्रेरित किया जाता है। ऊर्जा संरक्षण ना केवल ऊर्जा के अपव्यय को रोकता है बल्कि ऊर्जा उत्सर्जन को कम करके पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करता है। 
     ऊर्जा संरक्षण दिवस हमें याद दिलाता है कि हर व्यक्ति ऊर्जा बचानें और सतत् विकास में योगदान देने की जिम्मेदारी रखता है।