प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 14 नवंबर 2025 - शासकीय प्राथमिक शाला आंदू में एफएलएन मेला का आयोजन किया गया। जिसमें बालवाड़ी के बच्चों सहित प्राथमिक शाला के बच्चों ने बहुत ही हर्ष उल्लास के साथ भाग लिया। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत निपुण अभियान चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य बच्चों में पढ़ने लिखने और गणना करने की बुनियादी क्षमता विकसित की जा सके तथा इसके लिए वर्ष 2026 -27 तक हर बच्चा कक्षा 3 तक बुनियादी कौशल हासिल कर सके, जिसमें साक्षरता एवं संख्यात्मकता प्राप्त कर सके का लक्ष्य रखा गया है।
बुनियादी साक्षरता में ध्वनि जागरूकता तथा डिकोडिंग लेखन पठान एवं मौखिक भाषा का विकास शामिल है। इस मेले के माध्यम से बच्चे "करके देखबो सीख के रहिबो" थीम परिपेक्ष में इस मेले का आयोजन रखा गया है। मेले के माध्यम से बच्चे आधारभूत भाषा शिक्षण में वर्ण ज्ञान, शब्द ज्ञान, वाक्य पहचान सहित भाषाई निपुणता को प्राप्त कर सकें। वहीं संख्या ज्ञान तथा संख्या की संक्रियाओं को समझ सके एवं संक्रियाओं को पूर्ण कर सके। इस उद्देश्य से मेले का संचालन भी बच्चों के द्वारा ही किया जा रहा है। शिक्षक मात्र व्यवस्थापक की भूमिका में ही नजर आए।
ज्ञात हो कि आज भी देश में 5 करोड़ से अधिक बच्चे अब तक बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान से वंचित है। मजबूत बुनियादी कौशल सभी प्रकार के सीखने एवं बेहतर जीवन की नींव रखते हैं। इन कौशलों में महारत आगे की कक्षा में अकादमी को उपलब्धियां के लिए आवश्यक है। बच्चों के मस्तिष्क का लगभग 85% विकास 6 वर्ष की आयु तक हो जाता है। शिक्षा में समान अवसर और क्षमता विकास को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है कि समय पर बच्चों को बुनियादी कौशल प्राप्त हो सके। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने एफएलएन की शुरुआत की है। इस मेले में बच्चों के द्वारा विभिन्न स्टॉल लगाए गए तथा सभी स्टालों में अलग-अलग अवधारणा रखी गई थी। सीखने वाले बच्चे स्लॉट में जाकर गतिविधियां करते हैं, अभ्यास करते हैं और वही इनका आकलन भी होता है। इसके बाद अगले स्टॉल पर जाकर नई गतिविधियों में बच्चे भाग लेते हैं। गतिविधियों के सीखने के साथ-साथ मूल्यांकन और समस्या समाधान दोनों पूरे होते हैं।
शासकीय प्राथमिक शाला आंसू में एफएलएन मेले के आयोजन में मुख्य रूप से शिक्षक आशीष वर्मा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। साथ ही प्रधान पाठक मुकेश भुआर्य, शिक्षक वीरेंद्र बंछोर का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा सहयोग रहा।