सीएचएमओ डॉ अमृतलाल रोहलेडर के निर्देशन पर टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) पर एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित
स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान मे उन्मुखीकरण कार्यशाला में 90 प्रतिभागी हुए शामिल
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 28 नवम्बर 2025 - स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा द्वारा बच्चों में मधुमेह जिसे टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) भी कहा जाता है, इसकी समय पर पहचान, प्रभावी उपचार और समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने हेतु बेमेतरा जिला स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में बेमेतरा जिले के समस्त मितानिन समन्वयक, मितानिन प्रशिक्षक एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन रसोई रेस्टोरेंट बेमेतरा में किया गया।
इस कार्यशाला का उद्देश्य समस्त मितानिन समन्वयक, मितानिन प्रशिक्षक एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को टाइप-1 डायबिटीज का स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव और इसकी जल्द से जल्द पहचान की जाए, जिससे उनके अनुरूप इलाज और विभिन्न पहलुओं के बारे में तकनिकी जानकारी भी प्रदान करना था, ताकि वे अपने-अपने स्तर पर बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। इसके साथ ही मुख्य रूप से टाइप-1 टायबिटीज की पहचान, उपचार व प्रबंधन, काउंसलिंग, रोगी को सहायता, समूह की भूमिका, समुदाय आधारित जागरूकता, मानसिक स्वास्थ्य तथा पारिवारिक सहयोग जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने समूह गतिविधियों के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए और टाइप-1 टायबिटीज से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को संबोधन करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमृत लाल रोहलेडर ने प्रशिक्षण के संदर्भ में जानकारी साझा किया कि स्वास्थ्य विभाग का यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरक कदम बताया।
यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ गजेन्द्र सिंह ने कहा कि बेमेतरा जिला में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग और स्वास्थ्य कर्मचारियों का प्रशिक्षण में शतप्रतिशत सहभागिता निकट भविष्य में रोगियों के लिए विशेष लाभकारी होगा।
यह प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमृत लाल रोहलेडर के दिशा-निर्देशन एवं यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ गजेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन एवं समन्वय से संपन्न हुआ। साथ ही इस उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजन में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ दीपक निराला, सचिवीय सहायक श्रीमती प्रियंका यादव और यूनिसेफ टीम का विशेष सहयोग रहा। इस एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला में कुल 90 प्रतिभागी भाग लियें।