हमें अपने अंदर व बाहर की बुराइयों का मिलकर करना है खात्मा - जपं बेरला उपाध्यक्ष शुभम वर्मा
मटिया (बारगांव, बेरला) में 53 वें वर्ष धूमधाम से मना दशहरा पर्व, धूं धूं कर जला 50 फीट ऊंचा रावण
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/बेरला - बुराई पर सच्चाई का प्रतीक विजय दशमी पर्व मटिया (बारगांव, बेरला) में बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। दशहरा पर्व के निरंतर आयोजन का यह सफलतम 53 वां वर्ष रहा। गुरूवार देर शाम स्कूल के पास स्थित मैदान में 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले जलाए गए। उड़ता हनुमान मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान अतिशबाजी की गई, जिससे आसमान जगमगा उठा। सैकडों लोगों ने आतिशबाजी का नजारा देखा।
आयोजन में मुख्य अतिथि भाजपा जिला महामंत्री नरेंद्र वर्मा, बेरला जनपद उपाध्यक्ष शुभम वर्मा, सरदा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा, कांग्रेस नेता तखत राम साहू शामिल हुए।
भाजपा जिला महामंत्री नरेंद्र वर्मा ने आयोजन के संयोजक राजेंद्र वर्मा सहित उनकी टीम को बधाई दी, जिनके अथक प्रयास की बदौलत लगातार 53 वें वर्ष दशहरा पर्व का भव्य आयोजन किया। उन्होंने कहा कि विजयादशमी का यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक का पर्व है। इस पर्व से यह प्रेरणा मिलती है, बुराई चाहे जितनी ताकतवार क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई की ही होती है। इसलिए कभी भी बुराई के रास्ते में नहीं जाना चाहिए।
जनपद पंचायत बेरला उपाध्यक्ष शुभम वर्मा ने कहा दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व है। पूरे देश में यह हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। विजयादशमी पर हमें यही प्रेरणा लेनी है कि हमें अपने अंदर व बाहर की बुराइयों का मिलकर खात्मा करना है।
भाजपा सरदा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा ने गांववासियों को दशहरा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बुराई पर अच्छाई की जीत को विजयादशमीं के रूप में मनाते हैं। इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने अहंकारी रावण का वध किया था। कांग्रेस नेता तखत साहू ने कहा कि विजयादशमीं का पर्व हमें अपने अंदर के रावण रूपी अहंकार को मारने की सीख देती है।
राम-लक्ष्मण-सीता व हनुमान सेना की निकाली झांकी - झांकियों के माध्यम से असत्य पर सत्य व बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाया गया। जिसमें राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सेना सहित रावण इत्यादि की झांकियां निकाली गई। भगवान श्रीराम, भाई लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की जीवंत झांकी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
आतिशबाजी से गूंज उठा पूरा मैदान - राम लीला नाट्यमंचन के बाद भगवान श्री राम द्वारा रावण के पुतले को जलाया गया, पूरा मैदान पटाखों व अनारदाना के आतिशबाजी से गूंज उठा। वहीं रावण दहन के बाद गांव में घर-घर में भगवान श्रीराम व हनुमान की पूजा-अर्चना की गई।
इनका रहा सहयोग - दशहरा पर्व उत्सव के आयोजन के संयोजक राजेन्द्र वर्मा के संचालन में हुए कार्यक्रम में राजेन्द्र यादव, तुकाराम साहू, तेजराम विश्वकर्मा, जोहन साहू, रामकुमार निषाद, रामनाथ यादव, गुड्डू यादव, धर्मेंद्र पटेल, सतीश यादव, देवेंद्र वर्मा, सनत चौधरी, कमलेश पटेल, राम रावत, शंकर सेन, बोसेन्द्र पांडेय, लव साहू, छन्नू निषाद, माखन निषाद, उदे निषाद, धनीराम, बसावन साहू, साधु साहू, बल्ला निषाद, टोपसिंह साहू, धर्मेंद्र साहू, टूम्मन पाटिल, नरसिंह साहू, त्रिलोक साहू, ईश्वर साहू, प्रेमलाल साहू, गुड्डू साहू, मनीराम निर्मलकर, अशोक साहू, कामता साहू, हीराराम वर्मा, जितेंद्र वर्मा, बंशी रावत का सहयोग रहा।