पितृ पक्ष के पावन अवसर पर दो दिवसीय पुरखा के सुरता मानस तिहार कार्यक्रम का सम्पन्न
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 21 सितंबर 2025 - नगर पंचायत भिंभौरी के समस्त वासियों द्वारा आयोजित पितृ पक्ष के पावन अवसर पर दो दिवसीय पुरखा के सुरता मानस तिहार के समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान बेमेतरा जिला अध्यक्ष अनिल रजक, अध्यक्षता जिला संरक्षक रिझन सिंह सेन गुरुजी, विशिष्ट अतिथि बेमेतरा तहसील अध्यक्ष देवराम साहू थे। जिला अध्यक्ष अनिल रजक द्वारा अनेक लोगों को प्रतिक चिन्ह, सम्मान पत्र एवं श्रीफल से सम्मान किया गया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अनिल रजक ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पितृपक्ष केवल एक धार्मिक पर्व नहीं यह पूर्वजों के प्रति निःस्वार्थ श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो परिवार, समाज और पर्यावरण के लिए स्थायी लाभ भी देता है। हम जो जीवन जी रहे हैं, वह केवल हमारे कर्मों का फल नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों के त्याग और आशीर्वाद का परिणाम है। पितृ पक्ष का उद्देश्य यही है कि हम उन्हें स्मरण कर श्राद्ध के माध्यम से उनका सम्मान करें। श्राद्ध में पारिवारिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय लाभ के साथ पशु करुणा और जैव विविधता के संरक्षण में मदद करता है। रामचरितमानस में पितृ मोक्ष का प्रसंग में केंवट कहते हैं पितर पार करउ प्रभु मुदित गयउ लय पार, राजा दशरथ अंतिम समय में राम-राम कहि राम कहि राम राम कहि राम तनु परिहरि रघुबर बिरह राउ गयउ सुरधाम, बाली प्रसंग में राम बाली निज धाम पठावा नगर लोग सब व्याकुल धावा, ताड़का प्रसंग में एकहि बान प्राण हरि लिन्हा दीन जानि तेहि निज पद दिन्हा। सभी ने भगवान के धाम का मोक्ष प्राप्त किया। श्री तुलसी मानस प्रतिष्ठान के जिला संरक्षक डॉ रिझन सिंह सेन गुरुजी ने कहा कि हम लोग मानव जीवन के रूप में जी रहे हैं, परंतु क्या वास्तव में हमारे अंदर मानवता का गुण है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने मानव रूप में ही लीला किए हैं। बाढ़े खल बहु चोर जुवारा जे लंपट परधन परदारा, मानही मात-पिता नहीं देवा साधु सन करवावहि सेवा, जिनके यह आचरण भवानी ते जानहू निश्चर सब प्राणी। सभी के अंदर दो विचार आता है, एक सुमति और दूसरा कुमति, एक अच्छाई और एक बुराई। इसीलिए अन्य संप्रदाय के लोग आकर हमें धर्म परिवर्तन करते हैं। हम यदि संस्कारवान हैं, सही हैं, तो दुनिया में कोई माई का लाल नहीं जो हमको डिगा सके। हमें 24 घंटे में समय निकालकर परिवार के साथ सुबह शाम आरती करें, भोजन ग्रहण करें एवं एक साथ बैठकर चर्चा करना चाहिए। बेमेतरा तहसील अध्यक्ष देवराम साहू ने कहा कि 75 लोक कलाकारों की स्मृति में यह कार्यक्रम निरंतर 5 वर्षों से लगातार हो रहा है, जिसमें भिंभौरी के सभी गणमान्य नागरिक एवं स्मृति कलाकारों के परिवार जनों के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। विनोद साहू, बबला वर्मा एवं हरिश्चंद्र वर्मा ने भी अपना उद्बोधन दिया।
इस अवसर पर बबला वर्मा, कुंजीलाल साहू, अमर साहू, विक्रम वर्मा, हरिश्चंद्र वर्मा, लखनलाल साहू, पूर्व सरपंच महेश्वरी खिवराज धिवर, गणेश पाटिल, के साहू शिक्षक, पं. सरजू प्रसाद तिवारी, पं.सत्यनारायण तिवारी, रमेश वर्मा, उत्तम साहू, रूखुम साहू, बेरला तहसील अध्यक्ष पंचराम यादव, सुरित साहू, विनय साहू, चंदन साहू, संतोष साहू, दिलीप टिकरिहा एवं नगर पंचायत के पार्षदगण, वरिष्ठ नागरिकगण उद्बोधन एवं आशीर्वचन के माध्यम से आगामी वर्ष के पुरखा के सुरता मानस तिहार की मंगल कामनाएं संप्रेषित की।
कार्यक्रम प्रारंभ जय श्री कृष्ण मानस मंडली आनंदगांव द्वारा हनुमान चालीसा के पाठ से प्रारंभ हुआ। शिव शक्ति मानस मंडली कपसदा, जय दुर्गा मानस मंडली बेंद्रीकला, हिताची महिला मानस मंडली सिंगदेही, जय बजरंग मानस मंडली डौडेसरा, जय जगत आजाद मानस मंडली औलेखूंटा, शक्ति संगम मानस परिवार भिंभौरी, विधि हरिहर मानस मंडली भिंभौरी, श्रद्धा सुमन मानस मंडली पिरदा, श्री कृष्ण मानस मंडली बावनलाख, ममता बालिका मानस मंडली नवागढ़, श्री राम मानस मंडली हर्राटोला राजनंदगांव ने श्री रामचरितमानस की प्रस्तुति दिया एवं श्रीमती प्रभा यादव चंदखुरी द्वारा द्रोपती स्वयंवर प्रसंग पर पंडवानी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम संचालन एवं आभार विनोद साहू द्वारा किया गया।
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