भाजपा सरकार के इस कदम ने पहले से परेशान किसानों और गरीबों की मुश्किलें और बढ़ा दी - पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे
बिजली में बढ़ोतरी को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा ने प्रेस वार्ता कर दिखाया सरकार के खिलाफ आक्रोश व आमजन को समर्थन
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - बेमेतरा के राजीव गांधी भवन में पूर्व कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे एवं बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा बिजली में बढ़ोतरी को लेकर साय सरकार पर आरोप लगाया। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि डेढ़ साल के भीतर भाजपा की साय सरकार ने चौथी बार बिजली के दाम बढ़ाए, जनता की जेब में सरकार डकैती कर रही है। आगे बताया कि बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर लूटने का काम भाजपा सरकार ने किया है। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी कर दी गई है। सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप के बिजली के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि करके की गई है। छत्तीसगढ़ के किसान इस सरकार की दुर्भावना और उपेक्षा के चलते पहले ही खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान हैं, अब कृषि पंप में बिजली की दर बढाकर किसानों की कमर तोड़ रही है भाजपा सरकार। कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे एवं आशीष छाबड़ा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों में जनता को लूटने के तरह तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं।
2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार ने हर साल बिजली के दामों में वृद्धि की। 2003 में छत्तीसगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 रुपए 30 पैसे के दर पर बिजली मिला करती थी, जिसे 15 साल के कुशासन के बाद रमनसिंह समय ही 6 रुपए 40 पैसे तक बढ़ाया गया, जिसे चुनाव चुनावी वर्ष 2018 में मात्र 20 पैसे घटकर 6 रुपया 20 पैसे किया गया। कांग्रेस सरकार के 5 साल में कुल वृद्धि मात्र 02 रुपए या 2 पैसे अर्थात केवल 0. 32 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई वहीं भाजपा की वर्तमान साय सरकार के डेढ़ साल में कुल वृद्धि 80 पैसे अर्थात 13 प्रतिशत बढ़ोत्तरी किया। पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने बिजली के घाटे को पाटते हुए बिजली बिल ऑफयोजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3240 करोड रुपए के सब्सिडी देकर बहुत बड़ी राहत दी थी। किसानों को 5 एचपी तक निशुल्क बिजली दिया, बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुक्त बिजली दी गई। अस्पतालों, उद्योगों को सब्सिडाइज्ड दर पर बिजली देकर राहत पहुंचाया। भाजपा की सरकार आने के बाद प्रदेश भर में बिजली की कटौती शुरू हो गई और कीमत लगातार बढ़ाई जाने लगी है। श्री छाबड़ा ने आरोप लगाया है कि कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेचा जा रहा है और भाजपा के नेता, मंत्री, विधायक और अधिकारी एसी का मजा लूट रहे, कई सरकारी विभाग बिजली का बकाया बिल जमा नहीं कर रहें, सरकारी उपक्रमों और सरकार के चहेतों का करोड़ों का बिजली बिल का भुगतान लंबित है, उसकी वसूली भी जनता से सरकार कर रही है सत्ता के संरक्षण में बिजली चोरी और लाइन लॉस के मामले बढ़े हैं, जिसके चलते हो रहे नुकसान की भरपाई भी जनता से वसूली करके करना चाहती है यह सरकार। मोदी सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार के गलत नीतियों के चलते हैं बिजली का उत्पादन लागत बढ़ा है, कोयले पर ग्रीन टैक्स चार गुना अधिक बढ़ा दिए, रेलवे का माल भाड़ा अधिक वसूल रहे हैं, थर्मल पॉवरप्लांट को अडानी की कंपनी से महंगे दर पर कोयला खरीदने बाध्य किया जा रहा है, डीजल पर सेंट्रल एक्साइज बढ़ाए जाने से परिवहन में और फायर के लिए उपयोग होने वाले डीजल की लागत बढ़ी है जिसकी भरपाई भी उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाकर किया जा रहा है। प्रदेश भर से अनाप-शनाप बिजली बिल आने की शिकायत लगातार आ रही है, स्मार्ट मीटर के नाम पर अधिक बिल उपभोक्ताओं को भेजा जा रहा है, अब तो जनता को लूटने के लिए अडानी की कंपनी का प्रीपेड मीटर भी लगाने की तैयारी है भाजपा सरकार पूरे समय बिजली नहीं दे पा रही है, अघोषित कटौती रोज-रोज जारी है, ऊपर से सरकार ने बिजली के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी करके जनता की जेब में डकैती डाला है। कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार के ऐसे अन्यायपूर्ण फैसले का विरोध करती है, सरकार के इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ कांग्रेस पूरे प्रदेश में आंदोलन करेगी।
भाजपा सरकार के इस कदम ने पहले से परेशान किसानों और गरीबों की मुश्किलें और बढ़ा दी - पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे
इस अवसर पर पूर्व मंत्री रवींद्र चौबे भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि 'भाजपा सरकार के इस कदम ने पहले से परेशान किसानों और गरीबों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बढ़े हुए बिजली बिलों ने आम उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति को और जर्जर कर दिया है। इस अवसर पर सुरेन्द्र तिवारी शशीप्रभा, टीआर जनार्दन ललित विश्वकर्मा, सुमन गोस्वामी, लुकेश वर्मा, मनोज शर्मा, जावेद खान, नवीन ताम्रकार, दिनेश पटेल, राजू साहु सहित अन्य लोग मौजूद थे।