सुशासन तिहार बनकर रह गया है एक ढकोसला - आशीष छाबड़ा

सुशासन तिहार बनकर रह गया है एक ढकोसला - आशीष छाबड़ा
 
सुशासन तिहार बनकर रह गया हैं सिर्फ एक सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग तथा दिखावा 

आम जनता का कोई कार्य नहीं हो रहा, ना कार्यालय में ना शिविर में 

आवेदनों व मांगों की स्थिति ही स्पष्ट नहीं, तो उसके समाधान की बात ही दूर 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मनाया जा रहे सुशासन तिहार पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि सुशासन तिहार सिर्फ एक सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग तथा दिखावा बनकर रह गया है। सुशासन तिहार के नाम पर जहां अवैध वसूली हो रही है, वहीं नतीजा शून्य हैं। शासन द्वारा अब तक यह नहीं बताया गया है कि सुशासन पर्व के दौरान कितने आवेदन प्राप्त हुए तथा किन-किन विभागों से संबंधित आवेदन थे, उन आवेदनों में कितने आवेदन मांग से संबंधित थे तथा कितने आवेदन शिकायत से संबंधित थे। अगर आवेदन मांग से संबंधित थे तो उनमें से कितनी मांगों को शासन ने पूरा किया और अगर शिकायत से संबंधित आवेदन थे तो उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई की गई। सिर्फ एक सुशासन तिहार के नाम पर शिविर लगाकर सरकारी मशनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है तथा अधिकारी कर्मचारी उक्त शिविर में चलती हुई लू, धूप और गर्मी से परेशान है। वहीं भाजपा के कार्यकर्ता सुशासन तिहार के नाम पर मौज मस्ती कर रहे हैं। जनता की समस्याएं यथावत बनी हुई है। भाजपा के कार्यकर्ता उक्त शिविर में धौस जमाने का काम कर रहे हैं। सुशासन तिहार के नाम पर बेमेतरा जिले में नगरी क्षेत्र में कितने आवेदन प्राप्त हुए शासन को नगरवार जानकारी देनी चाहिए। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद वार तथा ग्राम पंचायत वार इसकी जानकारी आम जनता को दी जानी चाहिए थी, मात्र समाधान शिविर के नाम पर लुट खसोट मची हुई है तथा शासकीय पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा है। शिविर के नाम पर भाजपा केवल अपने पुराने पाप को धोने में लगी हुई है, आम जनता को बदलने फुसलाना का काम सुशासन समाधान शिविर के माध्यम से किया जा रहा है। आज बेमेतरा जिले की जनता भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा किए जा रहे रेत चोरी के कारण पानी की समस्या से बेहाल है। विगत दो माह में शासन आम जनता को पेयजल भी उपलब्ध नहीं कर पा रहा है, सड़के बदहाल हो रही हैं, शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है, स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर बेमेतरा जिला वापस धरातल में जा चुका है, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नहीं मिल पा रही है, घंटो घंटो पावर कट की समस्या बनी हुई है। अति आवश्यक सेवाओं का समाधान ना करके प्रशासन सुशासन तिहार बनाने में लगा हुआ है, यही कारण है कि बेमेतरा जिले में कई जगहों पर सुशासन तिहार के समाधान शिविर में आम जनता की सहभागिता लगभग नहीं के बराबर है। भाजपा वाले जरूर जनता के ऐसे काम जो स्वाभाविक रूप से कार्यालय में किए जाते हैं जैसे राशन कार्ड, नरेगा जॉब कार्ड जैसे आसानी से हो जाने वाले कार्यों को समाधान शिविर के माध्यम से हल करके वाहवाही लूटी जा रही है, जबकि जनता के द्वारा मांग पत्र के माध्यम से की गई मांगों पर कहीं कोई विचार नहीं किया गया है और ना ही उसका समाधान किया गया है, ठीक इसी तरह शिकायतें भी जस की तस बनी हुई है। सुशासन तिहार के माध्यम से मांगे गए आवेदनों पर शासन की ओर से अथवा भाजपा सरकार की ओर से कहीं कोई कार्यवाही नहीं की गई है, कुल मिलाकर अगर देखा जाए तो सुशासन तिहार के नाम पर भाजपा के लोग सरकारी पैसों पर मौज मस्ती और पार्टी मना रहे हैं। वही अधिकारी भी सुशासन तिहार के नाम से अपने कार्यालय से गायब है, जनता के काम ना तो समाधान शिविर में हो रहे हैं और ना ही कार्यालय में, कुल मिलाकर देखा जाए तो छत्तीसगढ़ शासन का यह सुशासन तिहार सिर्फ एक ढकोसला बनकर रह गया है। 

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