सुशासन तिहार 2025 - बेमेतरा विकासखंड स्तरीय कामकाज की समीक्षा
आमजन के प्राप्त आवेदनों पर गुणवत्ता पूर्ण व संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - सुशासन तिहार 2025 की अब तक की तैयारियों और आगे की कार्य योजना को लेकर विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों, विकासखंड अधिकारियों, आरआई, पटवारियों, राशन दुकानदारों और सरपंचों की आज बेमेतरा विकासखंड स्तरीय कामकाज की समीक्षा की। बैठक जनपद पंचायत के सभाकक्ष में हुई। इससे पहले उन्होंने 8, 9 और 10 अप्रैल को क्रमश: बेरला, साजा, नवागढ़ विकासखंड स्तरीय कामकाज की समीक्षा की थी।
उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आम जनता की छोटी-छोटी समस्याओं, मांगे और शिकायतें होती है, जिनका निराकरण भी आप लोग करते है। सुशासन तिहार 2025 में आम जनता की समस्याओं, मांगे और शिकायतें प्राप्त होंगी जिनका निराकरण और उनका त्वरित हल और गुणवत्ता पूर्ण निराकरण करना है। इसलिए आमजन की प्राप्त समस्याओं का त्वरित एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अपर कलेक्टर अनिल बाजपेयी, एसडीएम प्रकाश भारद्वाज सहित जिला, विकासखंड अधिकारी, आर.आई. पटवारी, राशन दुकानदार और सरपंच उपस्थित थे।
निराकरण में लापरवाही पर कार्यवाही - कलेक्टर रणवीर शर्मा ने बताया कि 8 अप्रैल से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी में आवेदन लिए जा रहे है। जिनका निराकरण संबंधित विभाग पूरी सटीकता से करें। आवेदनों के निराकरण में टाल-मटोल करने पर कार्रवाई होगी। सुशासन तिहार 2025 को पूरी गंभीरता से करें।
निराकरण एक माह में - मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत टेकचन्द्र अग्रवाल ने जानकारी दी कि जिले में समस्या, माँग व शिकायत संबंधी 10 अप्रैल तक 53 हज़ार से ज़्यादा आवेदन आए है। जो संबंधित विभाग को कार्यवाही हेतु भेजे जा रहे है। जिनका निराकरण एक माह के भीतर करना है। कलेक्टर ने कहा कि शासन स्तर के मामलों को शासन को अग्रेषित किया जाए।
औचक निरीक्षण में मंत्री, सचिव - कलेक्टर ने कहा कि आयोजित शिविरों में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, अन्य मंत्रीगण, मुख्य सचिव एवं सचिवगण भी औचक निरीक्षण करेंगे। अतः सभी अधिकारी शासन की मंशा के अनुरूप पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से कार्य करें।
समाधान शिविर - बैठक में कलेक्टर रणबीर शर्मा ने बताया कि जिले 5 से 31 मई तक क्लस्टर आधारित समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक क्लस्टर में 10 ग्राम पंचायतों में एक-एक शिविर तथा सभी नगरीय निकायों में भी समाधान शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिले में कुल 53 समाधान शिविर प्रस्तावित हैं। विकासखंड स्तर पर एसडीएम को नोडल अधिकारी और जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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