वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बलिदान दिवस हरदी में मुख्य अतिथि बने योगेश तिवारी
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा - 1857 की क्रांति में अंग्रेजों से लोहा लेने वाली लोधी समाज की वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी बलिदान दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। ग्राम हरदी में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा किसान नेता एवं सर्व हिन्दू सनातन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनका संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रेरणादायक है। इस अवसर पर उन्होंने समाज में नारी सशक्तिकरण और राष्ट्रसेवा के प्रति जागरूकता लाने का संकल्प भी दिलाया।लोधी समाज से जुड़े सैंकड़ों लोगों की उपस्थिति में मुख्य अतिथि योगेश तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि रानी अवंती बाई लोधी केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करना हमारा धर्म है। हमें उनके शौर्य और नेतृत्व से प्रेरणा लेकर समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने लोधी समाज के ऐतिहासिक वीरों की गाथा का बखान करते हुए कहा शौर्य और वीरता लोधी समाज की पहचान रही है, जिसे अवंती बाई लोधी जैसी साहसी वीरों ने साबित किया है। उन्होंने समाज की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोधी समाज में कृषि और परिश्रम पर अधिक जोर दिया गया है। मेहनतकश जीवन से लोधी समाज का गहरा नाता रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। अब समय आ गया है कि हम शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक सशक्तिकरण को अपनी प्राथमिकता बनाएं। कार्यक्रम में पूर्व विधायक अवधेश सिंह चंदेल, डोमेंद्र सिंह राजपूत मंडल अध्यक्ष बेरला, विष्णु पटेल सरपंच, रमेश पटेल पूर्व प्रांतीय महासचिव छत्तीसगढ़ लोधी समाज, विमल पटेल, अशोक पटेल, सुरेंद्र कौशिक भाजपा अध्यक्ष दुर्ग जिला, बनऊं सिंह वर्मा दुर्ग जिला अध्यक्ष लोधी समाज, गुरुजी बेनीराम पटेल, गुरुजी केशव पटेल, जंघेल गुरुजी, गुरुजी सनत पटेल, खोमन पटेल, फिरता पटेल, विवेक कश्यप, रोशनलाल पटेल, घनश्याम पटेल, रामाधार पटेल, केशोराम पटेल, खोमनलाल पटेल, अजय पटेल, धनेश पटेल, हेमेंद्र पटेल, सीताराम पटेल, बीरबल पटेल, भुनेश्वर पटेल, कमलनारायण पटेल, रमेश पटेल, गणेश पटेल सरपंच पर्सुली, कृष्णा पटेल बोरी मंडल अध्यक्ष, खोमेंद्र पटेल, मिथलेश पटेल समेत लोधी समाज के अनेक सम्मानित जन उपस्थित रहे।
युवा प्रेरणा व समाज संगठन - युवाओं को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा लोधी समाज की ताकत केवल अतीत के गौरव में ही नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं में भी निहित है। हमें अपने बच्चों को शिक्षित कर नए अवसरों की ओर बढ़ते हुए समाज को एक नई ऊंचाई पर ले जाना होगा। योगेश तिवारी ने कहा कि वीरांगना अवंती बाई लोधी की संघर्ष गाथा हमें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सीख देती है। उन्होंने समाज को एकजुट रहने और एक मजबूत संगठन के रूप में आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में लोधी समाज की पहचान केवल परंपरा और इतिहास तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह शिक्षा, राजनीति और व्यवसाय में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
इतिहास - गौरतलब है कि देश के सभी हिस्सों में लोधी समाज की मौजूदगी देखी जा सकती है। इतिहास में रानी अवंती बाई लोधी 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की एक ऐसी वीरांगना थीं, जिन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। मध्य प्रदेश के रामगढ़ (वर्तमान में डिंडोरी जिला) की रानी होने के नाते, उन्होंने अपने राज्य की रक्षा के लिए स्वयं सेना का नेतृत्व किया। अंग्रेजों से संघर्ष के दौरान 20 मार्च 1858 को उन्होंने वीरगति को प्राप्त किया।