डीआईजी के निर्देश पर खंडसरा चौकी प्रभारी कंवल सिंह नेताम ने किया ड्रोन कैमरा के माध्यम से क्षेत्र की बड़ी बाड़ियों व फॉर्म हाउस का सघन जांच

डीआईजी रामकृष्ण साहू के निर्देशन पर बेमेतरा पुलिस की फार्म हाउस और बाड़ियों पर नशे के खिलाफ बड़ा अभियान जारी 
 
ड्रोन कैमरा के माध्यम से की जा रही दूरदराज क्षेत्र, बड़े बाड़ियों एवं फार्म हाउस, ईट भट्टों, फैक्टरी, उद्योगों की निगरानी 

निगरानी का उद्देश्य - जिलें में संदिग्ध गतिविधि के साथ नशे के उत्पादन, भंडारण का पता कर कार्यवाही करना 
बेमेतरा 18 मार्च 2026 - पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (IPS) (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव एवं डीएसपी राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, डीएसपी श्रीमती शशीकला उईके के मार्गदर्शन मे बेमेतरा पुलिस द्वारा घुमंतु, डेरा लगाकर रहने, ठेला, गुमटी लगाने वाले, फेरी कपड़ा बेचने वाले, ईट भठ्ठों में ठेकेदार एवं आए मजदुरों, बाड़ियों एवं फार्म हाउसों, फैक्ट्री व उसमें काम करने वाले ठेकेदार व मजदुरों और मकान किराये पर रहने एवं अन्य मुसाफिर लोगो की चेकिंग अभियान कार्यवाही लगातार की जा रही है। 

खंडसरा चौकी क्षेत्र में ड्रोन से जांच - इसी क्रम में बेमेतरा पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की सहायता से बाड़ियों और फार्म हाउसों की सघन जांच की। वहीं खंडसरा चौकी प्रभारी कंवल सिंह नेताम के नेतृत्व में उनकी टीम ने आज 18 मार्च 2026 को चौकी क्षेत्रों में ड्रोन कैमरों की सहायता से बाड़ियों और फार्म हाउसों की सघन जांच की। इस दौरान यह देखा गया कि कहीं इन स्थानों का उपयोग अवैध नशे के उत्पादन या भंडारण के लिए तो नहीं किया जा रहा। 

आधुनिक तकनीक का सहारा - बेमेतरा जिले में बेमेतरा पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान में अब आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। जिले में पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरों के माध्यम से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, जिससे दूरदराज और एकांत इलाकों में स्थित बाड़ियों, फार्म हाउसों और अन्य संदिग्ध स्थानों पर नजर रखी जा सके। 

अभियान का मुख्य उद्देश्य - इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन, भंडारण और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है। 

मुसाफिरी व सत्यापन - इस अभियान के दौरान पुलिस ने न केवल बाड़ियों और फार्म हाउसों की जांच की, बल्कि घुमंतु लोगों, अस्थायी रूप से डेरा डालकर रहने वालों, ठेला और गुमटी लगाने वाले व्यापारियों, कपड़े फेरी करने वालों तथा ईंट भट्ठों में काम करने वाले मजदूरों और ठेकेदारों की भी जानकारी जुटाई। इसके साथ ही किराए के मकानों में रहने वाले लोगों और अन्य बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन भी किया गया। 
मजदूरों की जांच व जानकारी - पुलिस टीम ने फैक्ट्रियों और वहां काम करने वाले मजदूरों तथा ठेकेदारों की भी जांच की और उनके बारे में आवश्यक जानकारी एकत्रित की। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थान पर अवैध गतिविधियां संचालित न हो रही हों। 

जांच व निगरानी के निर्देश - पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू ने जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित बाड़ियों और फार्म हाउसों की नियमित रूप से ड्रोन कैमरों के माध्यम से जांच करें। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग कर दूरस्थ क्षेत्रों में भी निगरानी मजबूत की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सके। 

निगरानी - अब दुर्गम क्षेत्रों और बड़े फार्म हाउसों की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की जा रही है, जिससे किसी भी अवैध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके और समय पर कार्रवाई की जा सके। 

अपील - बेमेतरा पुलिस द्वारा आम नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है। कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने आसपास किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। 

उद्देश्य - इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अपराध पर नियंत्रण करना और कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। तकनीक और जन सहयोग के माध्यम से अपराधों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाया जा सकता है।