नियमित कर्मचारियों को SBI से एक करोड़ का दुर्घटना बीमा, अब पेंशनरों को भी मिले समान सुरक्षा - जिलाध्यक्ष दुर्ग भानु प्रताप यादव

तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ दुर्ग ने कलेक्टर दुर्ग के माध्यम से वित्त विभाग एवं SBI के मुख्य महाप्रबंधक को सौंपा ज्ञापन 

वेतन एवं पेंशन खाता बीमा योजना की संपूर्ण जानकारी और पेंशनरों के लिए विशेष बीमा पैकेज लागू करने की मांग 
दुर्ग 03 नवंबर 2026 - छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ जिला शाखा दुर्ग ने राज्य के नियमित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त पेंशनरों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की वेतन एवं पेंशन खाता बीमा योजना के अंतर्गत एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। 
    इस संबंध में संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग के सचिव एवं भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक छत्तीसगढ़ सर्किल रायपुर को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी दुर्ग के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है। 
      संघ ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग एवं भारतीय स्टेट बैंक के मध्य 22 दिसंबर 2025 को State Government Salary Package के संबंध में समझौता ज्ञापन (MoU) निष्पादित किया गया था, जो 04 जनवरी 2026 से प्रभावशील हुआ है। वित्त विभाग द्वारा 01 जनवरी 2026 को जारी निर्देशों के अनुसार नियमित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एक करोड़ साठ लाख रुपये तक का वायु दुर्घटना बीमा तथा दस लाख रुपये तक का समूह टर्म लाइफ इंश्योरेंस सहित अन्य बैंकिंग एवं बीमा सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। ये सुविधाएं निर्धारित पात्रता एवं बीमा पॉलिसी की शर्तों के अधीन हैं। 

*कर्मचारियों को बीमा का लाभ मिलने की जानकारी सार्वजनिक हो* 
संघ के जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि राज्य के अनेक नियमित कर्मचारी SBI में अपना वेतन खाता संचालित कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इस बात की स्पष्ट जानकारी नहीं है कि उनका खाता State Government Salary Package के अंतर्गत पंजीकृत है या नहीं तथा उन्हें एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा सहित अन्य सुविधाओं का लाभ किस प्रकार प्राप्त होगा। इसलिए वर्तमान योजना की पात्रता, बीमा राशि, दावा प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, आयु सीमा एवं अन्य नियमों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। 

*सेवानिवृत्त पेंशनरों को भी एक करोड़ का दुर्घटना बीमा देने की मांग* 
जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि शासकीय कर्मचारी अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय राज्य शासन की सेवा में समर्पित करते हैं। सेवानिवृत्ति के पश्चात भी उन्हें और उनके परिवार को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता बनी रहती है। जब कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक करोड़ रुपये तक के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की गई है, तो सेवानिवृत्त पेंशनरों को भी इस प्रकार की सुरक्षा से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए। 
     संघ ने मांग की है कि SBI में पेंशन खाता संचालित करने वाले छत्तीसगढ़ के सेवानिवृत्त पेंशनरों के लिए भी एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने हेतु विशेष Comprehensive Pension Package लागू किया जाए। यदि इसके लिए अलग प्रीमियम अथवा सामूहिक बीमा पॉलिसी की आवश्यकता हो तो राज्य शासन एवं SBI के संयुक्त प्रयास से इसकी व्यवस्था की जाए। पेंशनरों की आयु एवं बीमा कंपनियों की पात्रता शर्तों को ध्यान में रखते हुए व्यवहारिक योजना तैयार की जाए। 

*बीमा सुरक्षा के दायरे में दिव्यांगता, जीवन बीमा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का हो विस्तार* 
संघ ने दुर्घटना में मृत्यु के साथ स्थायी पूर्ण एवं आंशिक दिव्यांगता, वायु दुर्घटना, सामान्य मृत्यु के लिए टर्म लाइफ इंश्योरेंस, गंभीर दुर्घटना में अस्पताल एवं एंबुलेंस सहायता तथा पात्र आश्रित बच्चों की शिक्षा एवं अन्य पारिवारिक सुरक्षा संबंधी सुविधाओं पर भी विचार करने की मांग की है। साथ ही पेंशनरों एवं उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा टॉप-अप की उपयुक्त सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। 

*संघ द्वारा ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे* 
संघ ने वित्त विभाग एवं SBI के समक्ष 13 बिंदुओं के माध्यम से निम्नलिखित जानकारियां एवं कार्यवाही की मांग की हैं - 
1. वित्त विभाग एवं SBI के मध्य निष्पादित 22 दिसंबर 2025 के संपूर्ण MoU की प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराई जाए। 
2. नियमित कर्मचारियों के एक करोड़ रुपये दुर्घटना बीमा, एक करोड़ साठ लाख रुपये वायु दुर्घटना बीमा एवं दस लाख रुपये समूह टर्म लाइफ इंश्योरेंस की पात्रता एवं शर्तें स्पष्ट की जाएं। 
3. SBI वेतन खातों को State Government Salary Package में परिवर्तित करने की प्रक्रिया बताई जाए। 
4. सेवानिवृत्त पेंशनरों के लिए एक करोड़ रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर लागू किया जाए। 
5. पेंशनरों के लिए वर्तमान में उपलब्ध दुर्घटना बीमा एवं अन्य सुविधाओं की राशि, आयु सीमा और पात्रता की जानकारी दी जाए। 
6. सेवानिवृत्ति के बाद वेतन खाता आधारित बीमा सुविधा की निरंतरता अथवा समाप्ति के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। 
7. पेंशनरों के लिए सामूहिक बीमा अथवा रियायती प्रीमियम आधारित बीमा योजना तैयार की जाए। 
8. प्राकृतिक मृत्यु, गंभीर बीमारी एवं दिव्यांगता संबंधी अतिरिक्त बीमा सुविधाओं की जानकारी दी जाए। 
9. बीमा क्लेम की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज एवं दावा निस्तारण की समय-सीमा निर्धारित कर बताई जाए। 
10. पेंशनरों के लिए पृथक Comprehensive Pension Package लागू करने हेतु नया समझौता अथवा संशोधित MoU किया जाए। 
11. प्रदेश के सभी जिलों में SBI शाखाओं के माध्यम से विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।
12. सभी विभागों एवं जिला कार्यालयों को बीमा पात्रता एवं दावा प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए परिपत्र जारी किया जाए। 
13. नियमित कर्मचारियों के लिए स्वीकृत एक करोड़ रुपये के दुर्घटना बीमा कवर को प्रभावी बनाए रखते हुए पेंशनरों को भी समान बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। 

*पेंशनरों की आर्थिक सुरक्षा राज्य शासन की सामाजिक जिम्मेदारी* 
जिलाध्यक्ष भानु प्रताप यादव ने कहा कि कर्मचारी एवं पेंशनर राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उनकी वर्षों की सेवा का सम्मान केवल सेवानिवृत्ति लाभों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उनके परिवार की आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होनी चाहिए। SBI एवं वित्त विभाग को इस विषय पर संयुक्त रूप से समीक्षा कर पेंशनरों के लिए विशेष बीमा पैकेज लागू करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। 

*जानकारी उपलब्ध कराते हुए कार्यवाही की मांग* 
संघ ने मांग की है कि ज्ञापन में उठाए गए सभी 13 बिंदुओं पर बिंदुवार लिखित जानकारी उपलब्ध कराते हुए समयबद्ध कार्यवाही की जाए, ताकि प्रदेश के लाखों नियमित कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त पेंशनरों को बैंकिंग एवं बीमा सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।




जारीकर्ता:
भानु प्रताप यादव
जिलाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा-दुर्ग।

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