केवल नोटिस जारी करने से उनकी मांगों और आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सकता - पटवारी संघ
पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 21 वें दिन भी रही जारी
राज्योत्सव के दिन पटवारी दिखे आक्रोशित, अंतिम सांस तक लड़ने की आवाज बुलंद
बेमेतरा 02 नवंबर 2026 - राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ जिला बेमेतरा की 21 वें दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रही। जिले के सभी पटवारियों ने अंतिम सांस तक लड़ने की आवाज बुलंद की। साथ ही साथ सामूहिक निलंबन की भी मांग की। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस यानी राज्योत्सव के दिन जहां प्रदेश भर में उत्सव एवं समारोह आयोजित किया जा रहे हैं वहीं दूसरी ओर राजस्व पटवारी संघ जिला बेमेतरा भी अपने अनिश्चितकालीन हड़ताल के 21 वें दिन में प्रवेश कर गया।
अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे पटवारियों ने सोमवार 2 नवंबर को प्रशासन की कार्यवाही के विरोध में अनोखे अंदाज में अपना आक्रोश जाहिर किया। आंदोलनरत पटवारियों ने धरना स्थल पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस व तत्काल काम पर लौटने के फरमान की प्रतियाँ जलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय आव्हान पर प्रदेश भर में चार सूत्रीय मांगों को लेकर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। सोमवार को आंदोलन के 21 वें दिन भी पटवारी अपनी मांगों पर अडिग नजर आए। संघ का कहना है कि लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शासन एवं विभाग का ध्यान आकर्षित कराया जा रहा है, लेकिन अब तक समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण पटवारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
आंदोलन के बीच 1 नवंबर 2026 रविवार के दिन अनुविभागीय अधिकारी द्वारा हड़ताल में शामिल समस्त पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रशासन की ओर से पटवारियों को काम पर लौटने की चेतावनी दी गई। रविवार के दिन नोटिस जारी होने के बाद पटवारी संघ ने आंदोलन को दबाने का प्रयास बताते हुए इसका कड़ा विरोध दर्ज किया और पटवारियों में आक्रोश और बढ़ गया। इसी विरोध के तहत 2 नवंबर को जिले भर के आंदोलनरत पटवारी धरना स्थल पर प्रशासन द्वारा जारी नोटिस की प्रतियाँ जलाकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पटवारियों ने एक जुटता प्रदर्शित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि केवल नोटिस जारी करने से उनकी मांगों और आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सकता।
राजस्व पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष भागवत कश्यप के निलंबन को लेकर जिले के समस्त पटवारियों में काफी नाराजगी देखी गई। संघ ने प्रांताध्यक्ष के निलंबन को एक तरफा एवं दुर्भावना पूर्ण की गई कार्यवाही बताते हुए इसका कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पटवारियों का कहना है कि संगठन के नेतृत्वकर्ता पर की गई कार्यवाही को वे पूरे संगठन के ऊपर की गई कार्यवाही मानकर इस आंदोलन से जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे में सभी पटवारी अपने प्रांतीय नेतृत्व के साथ खड़े हैं और किसी भी परिस्थिति में संगठन की एक जुटता कमजोर नहीं होने देंगे।
पटवारियों ने साफ किया कि प्रशासनिक नोटिस, चेतावनी व निलंबन जैसी कार्यवाही से आंदोलन समाप्त नहीं होगा और पटवारी इससे डरने वाले नहीं हैं। जब तक शासन स्तर पर संघ की चार सूत्रीय मांगों को पूरा करने की दिशा में ठोस पहल नहीं होती है, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।
पटवारियों ने यह भी कहा कि यदि आंदोलन में शामिल सभी निलंबित पटवारियों का निलंबन वापस नहीं लिया जाता है, तो आंदोलन में शामिल जिले के सभी पटवारियों को भी सामूहिक रूप से निलंबित किया जाए। संघ ने दोहराया कि उनकी मांगों का समाधान बातचीत और सकारात्मक निर्णय से ही संभव है।
राज्योत्सव के दिन इस विरोध प्रदर्शन ने जिले में पटवारियों के आंदोलन को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि शासन और प्रशासन इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाते हैं या आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेता है।
By - Bemetara Halachal (बेमेतरा हलचल) प्रमोद गुप्ता - 8959681096, 9424124522
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