बाल विवाह सामाजिक कुरीति और कानूनन अपराध, जिसको रोकने ग्रामों में सचिव हैं प्रतिषेध अधिकारी - परियोजना अधिकारी बेरला डॉ. विद्यानंद बोरकर

सीईओ जपं बेरला की अध्यक्षता में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ का बेरला में संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन 
बेमेतरा 22 अक्टूबर 2026 - 'बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़/भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में जनपद पंचायत बेरला के सभागार में विकासखंड के समस्त बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों (सचिवों) एवं सरपंचों हेतु एक दिवसीय संवेदीकरण सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

सीईओ बेरला के अध्यक्षता व परियोजना अधिकारी के नेतृत्व कार्यशाला 
यह कार्यशाला कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगई के निर्देशन, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ऋतेश कुमार टंडन के मार्गदर्शन तथा जनपद पंचायत बेरला की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री दिव्या ठाकुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कार्यशाला का सफल क्रियान्वयन परियोजना अधिकारी बेरला डॉ. विद्यानंद बोरकर एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। 
बाल विवाह सामाजिक कुरीति और कानूनन अपराध, जिसको रोकने ग्रामों में सचिव हैं प्रतिषेध अधिकारी  
कार्यशाला के प्रारंभ में परियोजना अधिकारी डॉ. विद्यानंद बोरकर ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति और कानूनन अपराध है। ग्राम स्तर पर सचिवों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी के रूप में सीधे ग्रामीणों से जुड़े होते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने क्षेत्र में सतर्क रहने और बाल विवाह की सूचना मिलते ही तत्काल हस्तक्षेप कर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी थाने में सूचना देने की अपील की। 

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 
इसके पश्चात जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव ने बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़/भारत अभियान के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी पहलुओं, दंडात्मक प्रावधानों, सीएमपीओ की शक्तियों, कर्तव्यों और बच्चों के अधिकारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सामूहिक समन्वय और त्वरित सूचना प्रणाली से बाल विवाह जैसी घटनाओं को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। 
पॉक्सो अधिनियम की जानकारी 
कार्यशाला में चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला परियोजना समन्वयक राजेंद्र चंद्रवंशी द्वारा पॉक्सो अधिनियम 2012 से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही उन्होंने संकटग्रस्त बच्चों की सहायता हेतु 24 घंटे संचालित टोल-फ्री चाइल्ड हेल्पलाइन 1098/112 की कार्यप्रणाली, आपातकालीन सेवाओं और पुनर्वास व्यवस्था के बारे में प्रशिक्षित किया। 

सरपंच, सचिव ने लिया संकल्प 
कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने तथा बच्चों के संरक्षण एवं अधिकारों की सुरक्षा हेतु सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विकासखंड बेरला के विभिन्न ग्रामों के सरपंच, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी (सचिव) एवं संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। 

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