जिलें का बेरला ब्लाक आता हैं तांदुला जल संसाधन विभाग दुर्ग अंतर्गत, जिसका कार्यालय हैं दुर्ग में
निरीक्षण गृह की स्थिति से विभागीय अफसरों की फील्ड वर्क, उदासीनता व निष्क्रियता हुई बेनकाब
बेमेतरा 28 अक्टूबर 2026 - जिलें के बेरला ब्लाक सहित समूचे बेमेतरा जिले के जीवन दायनीय शिवनाथ व उसकी सहायक खारून नदी के मध्य स्थित उपजाऊ मैदानी क्षेत्र में इन दिनों तांदुला जल संसाधन दुर्ग संभाग की निष्क्रियता एवं उदासीनता का खामियाजा क्षेत्रवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
दशकों पुरानी निरीक्षण गृह के देखरेख का अभाव
ज्ञात हो कि बेमेतरा जिले के बेरला विकास खंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम खर्रा में ग्रामीण अंचलों में सिंचाई व्यवस्था और संरचनाओं की जिम्मेदारी तांदुला जल संसाधन विभाग दुर्ग के अधीन है। इस क्षेत्र में दशकों पूर्व सिंचाई विभाग द्वारा किसानों और विभागीय कार्यों की सुगमता के लिए कई निरीक्षण गृह (रेस्ट हाउस) बनवाए गए थे। लेकिन आज देखरेख और जीर्णोद्धार के अभाव में ये ऐतिहासिक भवन खंडहर में तब्दील हो चुका हैं। वही विभागीय उदासीनता के चलते इनमें से निरीक्षण गृह का परिसर आज अवैध अतिक्रमण की चपेट में आ गया है, जिससे सरकारी संपत्ति का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
जर्जर निरीक्षण गृह बना असामाजिक तत्वों का अड्डा
वर्तमान में इस निरीक्षण (विश्राम) गृह की हालत इतनी जर्जर और दयनीय हो चुकी है कि यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। अंग्रेजों के जमाने या शुरुआती दशकों से निर्मित इन पुराने जर्जर भवन के कभी भी ढहने या धंसने की आशंका बनी रहती है, जिससे आसपास के लोगों के लिए बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस पहल न होना प्रशासनिक लापरवाही और लचर कार्यशैली को उजागर करता है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि लंबे समय से उपेक्षित इन भवनों की सुध न लेने से विभाग की निष्क्रियता साफ झलकती है।
स्वीकृति मिलने पर होगा जीर्णोद्धार और सुधार कार्य
इस पूरे मामले पर तांदुला जल संसाधन विभाग दुर्ग उप-संभाग के एसडीओ रोहन शाह से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि बेरला क्षेत्र के ग्राम खर्रा में स्थित निरीक्षण गृह की मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का प्रस्ताव उच्च विभाग को भेज दिया गया है। प्रशासनिक स्तर पर बजट की स्वीकृति मिलते ही इस निरीक्षण गृह का पुनरुद्धार और सुधार कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिलें में विभाग का कार्यालय व अधिकारी नहीं होने से रोष
क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था से इस तांदुला जल संसाधन डिविजन से सम्बन्धित अधिकारियों के इस आश्वासन के बीच स्थानीय किसानों और आम जनता में इस बात को लेकर भी गहरा रोष है कि विभाग का कार्यालय व अधिकारी जिलें में नहीं हैं। सिंचाई से जुड़ी हर छोटी-बड़ी समस्या या काम के लिए उन्हें दुर्ग का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, जबकि प्रशासनिक रूप से यह क्षेत्र बेमेतरा जिले में स्थित हैं।
जिलें में विभाग के कार्यालय की मांग
इस सम्बंध में क्षेत्र के स्थानीय किसानों और क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग है कि दुर्ग में संचालित होने वाले इस कार्यालय को अब बेरला या बेमेतरा जिले में ही स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्रीय किसानों को अनावश्यक रूप से मीलों दूर दुर्ग के चक्कर न काटने पड़ें। शिवनाथ-खारून के इस बेल्ट के किसान लंबे समय से प्रशासनिक दूरी और उपेक्षा का शिकार होते आ रहे हैं, ऐसे में शासन-प्रशासन को जल्द से जल्द जर्जर निरीक्षण गृहों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर कार्यालय संचालन की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए।
By - Bemetara Halachal (बेमेतरा हलचल) प्रमोद गुप्ता - 8959681096, 9424124522
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