एसपी त्रिलोक बंसल की अपराध समीक्षा बैठक सम्पन्न, जन समस्याओं के त्वरित समाधान पर दिया गया जोर

अवैध अप्रवासियों की तलाश हेतु किरायेदारों एवं मुसाफिरों के आधार कार्ड की सख्त जांच करने दिए गए निर्देश 

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही के दिए निर्देश 

सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.50 लाख तक कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक निर्देश 
बेमेतरा 21 सितम्बर 2026 - पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभा कक्ष में जिले के राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना और जन शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण को लेकर आवश्यक चर्चा था। उन्होने प्राप्त समस्याओं का समाधान करना और कानून व्यवस्था की सुदृढ़ता एवं नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। 
     एसपी त्रिलोक बंसल ने नए लागू तीन आपराधिक कानूनों नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने ने कहा कि इन कानूनों से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी। समय बाधित अपराधिक प्रकरणों का शीघ्र निपटारा कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही उन्होंने तलाशी और जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य बताते हुए, मामलों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 
    उन्होंने लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान तथा विवेचना में शीघ्रता लाने, समयबद्ध अभियोग पत्र प्रस्तुत करने, तथा फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने अवैध शराब, सट्टा, गांजा, नशीली दवाएं, एवं ऑनलाइन साइबर अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए, साथ ही ऑपरेशन मुस्कान के तहत महिलाओं व बच्चों से संबंधित मामलों के शीघ्र निपटारे के निर्देश भी दिए। 
    एसपी ने सीएम हेल्पलाइन 1076 में प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जनशिकायतों के शीघ्र समाधान हेतु निर्देशित करते हुए एसपी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। 
  उन्होंने सभी थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर आम जनता से सीधा संवाद करें तथा स्थानीय समस्याओं की जानकारी लेकर उनका त्वरित निराकरण करें। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों को थानों/चौकी में आने वाले फरियादियों की समस्याएं धैर्यपूर्वक सुनने, महिलाओं व बुजुर्गों से सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए। 
       एसपी ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत महिलाओं और बच्चों के मामलों में तेजी लाई जाए। उन्होंने साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया अपराधों को रोकने हेतु आम नागरिकों को जागरूक करने की जरूरत बताई। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने तथा सामुदायिक पुलिसिंग के लिए चलाए जा रहे अभियान के माध्यम से हॉट/बाजारों एवं ग्रामों में जागरूकता अभियान चलाने आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। विशेष अभियान चलाकर स्थायी वारंट की तामिली, असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, विजिबल पुलिसिंग, नाइट पेट्रोलिंग, और गौ-वंश तस्करी पर सख्ती से कार्यवाही के भी निर्देश दिए गए। 
     उन्होंने विशेष ध्यान सड़क सुरक्षा, साइबर प्रहरी अभियान, सशक्त ऐप, त्रिनयन ऐप, तथा विजिबल पुलिसिंग पर केंद्रित रहा। सशक्त एप, त्रिनयन एप और सायबर प्रहरी अभियान के उपयोग को प्रभावी बनाने, स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने तथा कम्यूनिटी पुलिसिंग व मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही गई। एसपी ने कहा कि पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट टूल्स और समुदाय की भागीदारी से अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाया जा सकता है। 
   एसपी त्रिलोक बंसल ने अपराधों की विवेचना को अधिक प्रभावी एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को प्रकरणों में ई-साक्ष्य का समयबद्ध एवं वैज्ञानिक तरीके से संकलन सुनिश्चित करने, न्यायालयीन प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु ई-समन की समय पर तामील करने तथा नफीस एवं फिंगर प्रिंट का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही न्यायालयीन कार्यवाही को सुचारु बनाए रखने के लिए ई-चालान समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करने पर विशेष जोर दिया। 
    उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग कर विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाना तथा न्यायालयीन प्रक्रिया को गति देना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 
  एसपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से इस अभियान की समीक्षा करें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसका उद्देश्य अपराध पर अंकुश लगाना एवं जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाना है। 
    बैठक में सीसीटीएनएस योजनांतर्गत MedLEaPR (मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्ट मॉर्टम रिपोर्टिंग सिस्टम) एमएलसी/पीएम रिपोर्ट की ऑनलाइन प्रक्रिया को प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एसपी त्रिलोक बंसल ने निर्देशित किया कि MedLEaPR (मेडिको-लीगल एग्जामिनेशन एंड पोस्ट मॉर्टम रिपोर्टिंग सिस्टम) एमएलसी/पीएम रिपोर्ट को सीसीटीएनएस के माध्यम से ऑनलाइन संबंधित अस्पतालों एवं चिकित्सकों तक भेजने की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। साथ ही संबंधित चिकित्सकों द्वारा रिपोर्ट समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाने तथा ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी आपसी समन्वय एवं टीम भावना के साथ कार्य करें। 
    एसपी त्रिलोक बंसल ने कहा कि मकान में किराये पर रहने वाले किरायेदारों एवं मुसाफिरों की आधार कार्ड एप से मिलान कर सख्त जांच करने एवं किराया देने वाले मालिक का नाम, किरायादार का नाम, माता, पिता एवं परिवार के सदस्यों का नाम माता/पिता का नाम, वर्तमान पता, स्थायी पता, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड नं., पेन कार्ड नं., मोबाईल नंबर, शिक्षा संबंधी, फोटो, पहचानकर्ता का पूरा नाम पता एवं मोबाईल नंबर लिया जाकर आधार कार्ड की सख्त जांच कर चेकिंग कार्यवाही करने आवश्यक निर्देश दिए गए। 
  उन्होंने "समाधान ऐप" के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि मकान मालिक एवं होटल/लॉज संचालक किरायेदारों एवं यात्रियों की जानकारी अनिवार्य रूप से ऐप पर अपलोड करें। प्रतिदिन भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस स्टैंड, कबाडी दुकान,चौपाटी, सिनेमाघरों में चेकिंग की कार्यवाही सुनिश्चित करने, एवं संदिग्ध व्यक्तियों (ठेला/गुमटी लगाने वाले, फेरीवालों) की पहचान कर आवश्यक चेकिंग कार्रवाई के निर्देश दिए गए। 
 मकान मालिकों से अपील की गई कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति को किराये पर मकान देने से पूर्व उसकी सूचना नजदीकी थाना में अनिवार्य रूप से दें। होटल/लॉज संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे रुकने वाले सभी व्यक्तियों का आधार कार्ड जांचें और समाधान ऐप में उनका विवरण दर्ज करें। उन्होनें ने औद्योगिक संस्थान- जैसे एथेनॉल, एल्युमिनियम, स्पंज आयरन प्लांट, बारूद फैक्ट्री, पेपर मील तथा गुड फैक्ट्री, ईंट भट्ठों, फैक्ट्रियों, पोल्ट्री फार्म, क्रेशर प्लांट, कबाडी दुकान, रूई धुनने वाले, टेण्ट हाउस, पंचर दुकान, कैटरिंग चलाने वाले एवं (फार्म हाउस) बाड़ी में कार्यरत मजदूरों व ठेकेदारों की जानकारी एकत्र कर उनका सत्यापन करने हेतु भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। 
   आम जनता से अपील की जाती है कि बाहरी व्यक्तियों को किराए में मकान देने से पूर्व इसकी सूचना अनिवार्य रूप से थाना में नोट कराएं। किसी भी अंजान लोगो को शहर/ग्रामों में ठहरने न दें साथ ही पुलिस थाना को सूचित करे। अनाधिकृत/अवैध रूप से रह रहें, अवैध अप्रवासी बांग्लादेशी घुसपैठियों एवं संदिग्ध दिखने वाले व्यक्ति जो बाहर से आकर कही रूका हो जो आपको संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 18002331905 पुलिस को दें। 
   इसके अतिरिक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि मोटरयान से संबंधित सड़क दुर्घटनाओं में घायल पीड़ितों को पीएम राहत योजना, आई-रेड एवं ई-डार प्लेटफॉर्म के माध्यम से योजना के तहत अधिकतम 7 दिनों के भीतर किसी भी नामित अस्पताल में 150000 तक की कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ दिलाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। 
  उन्होंने साइबर अपराध के प्रति आमजनों को जागरूक करने तथा फाइनेशियल फ्रॉड के प्रकरणों में म्यूल अकाउंट को फ्रीज करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए तथा आम जनता से पुलिस का बेहतर संबंध बनाने, कम्यूनिटी पुलिसिंग को बढ़ावा देने, साइबर जागृति अभियान के माध्यम से सायबर अपराधों व एटीएम फ्राड के संबंध में ग्रामो, हॉट/बाजारों, स्कूल/कालेजो में जागरूकता अभियान चलाने, सोशल एक्टीविटी में पुलिस विभाग का सक्रिय रहने व आम जनता में पुलिस विभाग का विश्वास बढ़ाने आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
    उक्त बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भूषण एक्का, एसडीओपी बेरला श्रीमती रूचि वर्मा, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, डीएसपी श्रीमती शशिकला उईके, रक्षित निरीक्षक प्रवीण खलखो, रीडर -1 निरीक्षक कृष्ण कांत सिंह, स्टेनो संतोष सोनवानी, मुख्य लिपिक उप निरीक्षक (अ) हरिओम विश्वकर्मा, सउनि (अ) अजय देवांगन, प्रवीण लोहले, महेन्द्र भुआर्य, दीपक गर्जेलवाल एवं थाना/चौकी प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला, मयंक मिश्रा, लेखराम ठाकुर, सत्य प्रकाश उपाध्याय, अजय सोनकर, जनक साहू, दुलेश्वर चंद्रवंशी, सुरेन्द्र मानिकपुरी, उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, भुनेश्वर यादव, राजकुमार साहू, डिग्री लाल सोना, अलील चंद, सहायक उप निरीक्षक कंवल सिंह नेताम, दीनानाथ सिन्हा, रामकुमार दिवाकर, कृष्ण कुमार क्षत्री, विष्णु सप्रे, रीडर - 2 प्रधान आरक्षक वर्षा चौबे, प्रधान आरक्षक खोमलाल साहू, ऐश्वर्य सिंह, आरक्षक पंचराम घोरबंधे, मनीष देवांगन, ताम्रध्वज चतुर्वेदी, बजरंग पुरबिया, दीपक साहू, बिरेन्द्र चंद्राकर समेत कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। 

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