सभी नागरिकों से अपील है कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने से कभी न हिचकिचाएं - बेमेतरा पुलिस
नशा मुक्ति के खिलाफ, साइबर फ्राड, फर्जी काल, ठगी, यातायात नियमो व अन्य अपराधों के संबंध में किया जागरूक
सत्यापन कराए बिना मकान किराए पर न दें : किराएदार रखने से पहले लें उनका पहचान पत्र (वोटर कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि)
बेमेतरा 11 अगस्त 2026 - पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (भा.पु.से.) के द्वारा सभी थाना/चौकी प्रभारियों को ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर आम जनता से संवाद कर मौके पर प्राप्त उनकी समस्याओं/शिकायतो एवं उनके गावं व आस-पास के ग्रामों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर यथा संभव समस्याओं का त्वरित समाधान करने निर्देशित किया गया है इस दौरान सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से आम नागरिकों को जिले के हॉट/बाजारों एवं ग्रामों, स्कुल, कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. हरीश यादव, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, एसडीओपी बेरला श्रीमती रूचि वर्मा के मार्गदर्शन में “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से थाना प्रभारी परपोडी निरीक्षक अजय सोनकर, प्रशिक्षु उप निरीक्षक सतवन सिंह एवं अन्य स्टाफ के द्वारा विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर ग्राम बुंदेली में ग्रामवासियों को चौपाल लगाकर जागरूक किया गया।
चौपाल लगाकर बुंदेली वासियों को किया जागरूक
ग्राम बुंदेली में चौपाल लगाकर थाना परपोड़ी प्रभारी अजय सोनकर ने ग्रामवासियों से संवाद कर बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की मदद करने से कभी न हिचकिचाएं। सड़क हादसों में घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाने वाले नेक मददगारों (Good Samaritans) को सम्मानित करने हेतु "राह-वीर योजना" संचालित की जा रही है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को "गोल्डन ऑवर" (घटना के शुरुआती 1 घंटे) के भीतर समय पर चिकित्सकीय सहायता दिलाकर उनकी जान बचाना। इस योजना में पुरस्कार एवं प्रोत्साहन राशि, इनाम (राज्य स्तर): सड़क दुर्घटना में घायल को तुरंत अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुँचाने वाले नेक मददगार को 25000 रु नगद एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। गोल्डन ऑवर (60 मिनट) : दुर्घटना के 60 मिनट के भीतर पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाना अनिवार्य है। दुर्घटना या घायल दिखे तो देर न करें, तुरंत मदद करें और अस्पताल पहुँचाएं। पुलिस या एम्बुलेंस सहायता के लिए तुरंत आपातकालीन सहायता नंबर : 112 सेवा डायल करें।
साइबर ठगी की जानकारी
साथ ही ग्रामवासियों को साइबर अपराध, चिटफंड, फर्जीकाल ठगी की जानकारी देते हुए बताया कि अपना आधार कार्ड सम्भाल कर रखे एवं आधार नंबर किसी अनजान व्यक्ति को न बतावे। फोन पर बैंक अधिकारी बनकर आपके बैंक खाता के संबंध में जानकारी मांगे तो जानकारी न दे क्योंकि बैंक द्वारा इस तरह की जानकारी नहीं मांगी जाती। यदि कोई शंका हो तो तुरन्त अपने बैंक से सम्पर्क करें। जरूरी होने पर अपने शिकायत करें। किसी भी अन्जान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी जैसे बैंक खाता नंबर एटीएम कार्ड नंबर एक्सपायरी डेट सीवीवी नंबर पिन नंबर ओटीपी पासवर्ड इत्यादि की जानकारी न दें। आपकी थोड़ी सी सजगता से कई गंभीर अपराध होने से बच सकता है। साइबर फ्रॉड होने पर हेल्पलाईन नंबर 1930 में कॉल करें या Nationl Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाईन शिकायत दर्ज करें।
नशा से हानि व यातायात नियमों की जानकारी
इस दौरान ग्रामवासियों को बताया कि नशा न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक रूप से भी व्यक्ति और परिवार को नुकसान पहुँचाता है। सभी को समाज में नशे के खिलाफ सशक्त संदेश देने तथा दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की। इस दौरान यातायात के नियमों का हमेशा पालन किए जाने एवं सभी को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
संदिग्धों पर नजर व सूचना की अपील
इसके अलावा ग्रामवासियों से अपील की गई कि जब किसी वार्ड, मोहल्ले या गांव में अचानक नए अजनबी लोग (महिला एवं बच्चों सहित) किराए पर रहने या रुकने आते हैं, तो बिना किसी पूर्व पहचान/सत्यापन के उनके बारे में जानकारी न होना सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा हो सकता है। नागरिक स्वयं जागरूक होकर ऐसी गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी अवैध या संदिग्ध प्रवास की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। अनाधिकृत/अवैध रूप से रह रहें, अवैध अप्रवासी बांग्लादेशी/रोहिंग्या घुसपैठियों एवं संदिग्ध दिखने वाले व्यक्ति जो बाहर से आकर कही रूका हो जो आपको संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 18002331905 पुलिस को दें। सूचना देने वाले नागरिक का नाम एवं पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
चौपाल से जागरूकता
आमजन को बेमेतरा पुलिस के द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” के माध्यम से चौपाल लगाकर लगातार हॉट/बाजार एवं गांव गांव, स्कुल, कॉलेज एवं सामाजिक संगठन/विभाग/आवासीय कॉलोनी में जाकर जागरूक किया जा रहा है।
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