बरसते पानी में भी नहीं थमा योगेश भाई के लिए बहनों का स्नेह…
चंडी मंदिर नेवनारा में किसान नेता योगेश तिवारी ने मनाया रक्षाबंधन का पर्व
बेमेतरा 30 अगस्त 2026 - बेमेतरा की बहनों का यह प्रेम देखकर योगेश तिवारी की आंखें भी नम हो गईं। रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के उस पवित्र रिश्ते का पर्व है, जिसे शब्दों से नहीं, दिल से महसूस किया जाता है।
इस बार ग्राम नेवनारा स्थित पावन चंडी मंदिर प्रांगण में कुछ ऐसा ही भावुक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला। बरसते पानी की फुहारें भी बहनों के कदम नहीं रोक सकीं। बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से हजारों बहनें अपने भाई भाजपा किसान नेता योगेश तिवारी को राखी बांधने पहुंचीं किसी बहन के हाथ में छोटी-सी राखी थी, तो किसी के हाथ में अपने भाई के लिए प्रेम और आशीर्वाद बहनों ने तिलक लगाया, राखी बांधी और भाई योगेश तिवारी की सुख-समृद्धि, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
परिवार की तस्वीर
राखियों से सजी कलाई, बहनों के चेहरे पर मुस्कान, आंखों में अपनापन और दिल में वर्षों पुराना विश्वास यह दृश्य अपने आप में एक परिवार की तस्वीर बन गया।
आंखें हुई नम
बहनों का इतना प्यार और अपनापन देखकर योगेश तिवारी की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने भावुक होकर कहा “मेरी बहनों का यह प्रेम मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
प्रेम और स्नेह को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता
पिछले 13 वर्षों से मेरी बेमेतरा की बहनें जिस स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद के साथ मेरी कलाई पर राखी बांधती आ रही हैं, उसे मैं कभी शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। आज बरसते पानी में भी हजारों बहनों का यहां पहुंचना मेरे लिए भावुक कर देने वाला क्षण है।
राखी का धागा बहनों का विश्वास और आशीर्वाद है जो मेरे लिए हैं एक जिम्मेदारी
उन्होंने कहा मेरी कलाई पर बंधी हर राखी मेरे लिए सिर्फ एक धागा नहीं है। यह एक बहन का विश्वास है, उसका आशीर्वाद है और मेरे लिए एक जिम्मेदारी है। यह रिश्ता किसी पद, राजनीति या स्वार्थ से नहीं, बल्कि दिल से बना है। पिछले 13 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा अब केवल रक्षाबंधन का आयोजन नहीं रही, बल्कि बेमेतरा के हजारों परिवारों के बीच बने भाई-बहन के अटूट रिश्ते की पहचान बन चुकी है। हर साल बहनें अपने भाई योगेश तिवारी के लिए राखी लेकर आती हैं और हर बार यह रिश्ता पहले से भी ज्यादा मजबूत होकर सामने आता है।
स्नेह भोज की व्यवस्था
इस अवसर पर बहनों के लिए स्नेह भोज की भी व्यवस्था की गई। बहनों ने एक साथ बैठकर भोजन किया और पूरे परिसर में ऐसा वातावरण बना, मानो कोई अपना बड़ा पारिवारिक उत्सव हो।
बहनों के चेहरे की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी खुशी
योगेश तिवारी ने कहा “राखी का धागा कलाई पर जरूर बंधता है, लेकिन उसका रिश्ता सीधे दिल से जुड़ता है। मेरी बहनों ने मुझे जो प्यार दिया है, उसके सामने मैं स्वयं को हमेशा छोटा महसूस करता हूं। मेरी हर बहन का सम्मान, उसका विश्वास और उसका आशीर्वाद मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेरी बहनों के चेहरे की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी खुशी है। ईश्वर मेरी सभी बहनों को सुखी रखे, उनके परिवारों में खुशियां बनाए रखे और उनका आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ बना रहे।
13 वर्षों की परंपरा आज भी उसी प्रेम, विश्वास और आत्मीयता के साथ जीवित
बरसात आई, लेकिन बहनों का प्यार नहीं रुका। रास्ते कठिन थे, लेकिन भाई तक पहुंचने का स्नेह कम नहीं हुआ। कलाई पर राखियां बंधीं, लेकिन दिलों में रिश्ते और गहरे हो गए। 13 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी उसी प्रेम, विश्वास और आत्मीयता के साथ जीवित है। यह राखी सिर्फ एक धागा नहीं यह बेमेतरा की हजारों बहनों का अपने भाई योगेश तिवारी के प्रति प्रेम है। भाई-बहन का यह रिश्ता यूं ही जन्म-जन्मांतर तक बना रहे यही इस रक्षाबंधन पर सबसे प्यारी कामना है।
रक्षाबंधन के आयोजन में उपस्थिति
रक्षाबंधन के आयोजन में पीयूष शर्मा, शिवम, मनोज, यशवंत, लखन चक्रधारी, खेमराज, मोहन पणिक सरपंच, खेमल लाल साहू, कृष्ण बंजारे, गोविंद मानिकपुरी, परमेश्वर यादव, प्रियांशु सिंह सहित पूरे जिलें व क्षेत्रवासी उपस्थित रहें।
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