डीआर स्वीकृति से बड़ी राहत : अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ स्वतंत्र रूप से ले सकेंगे निर्णय

पेंशनर्स एसोसिएशन जिलाध्यक्ष आरके वर्मा सहित पदाधिकारियों ने किया निर्णय का स्वागत 
बेमेतरा 18 जुलाई 2026 - छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन जिला शाखा बेमेतरा ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के अंतर्गत पेंशनरों को देय महंगाई राहत (डीआर) की स्वीकृति के लिए मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच आपसी सहमति की अनिवार्यता समाप्त किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। एसोसिएशन ने इसे प्रदेश के लाखों पेंशनरों और परिवार पेंशनरों के हित में ऐतिहासिक एवं सकारात्मक कदम बताया है। 

ज्ञापन के माध्यम से मांग 
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन बेमेतरा के जिलाध्यक्ष आरके वर्मा ने बताया कि संगठन ने 7 और 8 जुलाई 2026 को जिला के विधायकों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर दोनों राज्यों की आपसी सहमति की बाध्यता समाप्त करने की मांग की थी। 

सचिव स्तर से पत्र जारी 
उन्होंने बताया कि 17 जुलाई 2026 को मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ शासन के सचिव तथा अपर मुख्य सचिव स्तर से जारी पत्र के माध्यम से डीआर स्वीकृति के लिए आपसी सहमति की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। 

दोनों राज्य स्वतंत्र 
अब दोनों राज्य अपने अपने स्तर पर महंगाई राहत संबंधी आदेश जारी करने के लिए स्वतंत्र होंगे, जिससे पेंशनरों को समय पर डीआर मिलने का रास्ता साफ हो गया है। 

अविलंब आदेश जारी कर भुगतान की मांग 
एसोसिएशन ने राज्य शासन से मांग की है कि अब बिना किसी विलंब के केंद्र सरकार के समान 1 जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का आदेश जारी कर एरियर सहित भुगतान प्रदेश के सभी पेंशनरों एवं पेंशनरों परिवार को किया जाए। संगठन ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार शीघ्र निर्णय लेकर लाखों पेंशनरों को आर्थिक राहत प्रदान करेगी। 
सहयोग पर आभार 
साथ ही इस मांग के समर्थन में सहयोग देने वाले सभी विधायकों एवं जन प्रतिनिधियों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। 

पदाधिकारियों ने निर्णय का किया स्वागत 
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स संगठन के रामविलास दुबे, बीपी परगनिहा, अश्वनी बनर्जी, केएन मिश्र, जगतराम वर्मा, कपिल वर्मा, नीलेश्वर चंद्राकर, जवाहर चंद्राकर, ऋषि सिंह राजपूत, घनश्याम चंद्राकर, शिवकुमार साहू, गोकुल बंजारे, रोमन जायसवाल, संतोष सिंह राजपूत, थानुराम यादव, कोमल चंद्राकर, रामाधार सिन्हा, शोभनाथ रजक, अब्दुल गफ्फार खान, नैन सिंह साहू, उषा नामदेव, मनहरण माली, धरमदास चतुर्वेदी, उमाशंकर साहू, गैंदराम चंद्राकर, लालसिंह ठाकुर, मनीराम देवांगन, रामसिंह साहू, घनश्याम बिहारी नामदेव रमेश साहू, रामसिंह राजपूत, घनश्याम चन्द्राकर, नेमसिंह साहू, जेएल देवांगन, बीपी बन्छोर, खिलावन राम साहू, नानक साहू, धर्मेंद्र शर्मा ने निर्णय का स्वागत किया। 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ