कृषि विभाग और मार्कफेड पर षड़यंत्र कर गुमराह और उत्पादन घटाकर किसानो को हतोत्साहित करने का सरकार पर कांग्रेस ने लगाया आरोप
जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कलेक्टर व संचालनालय रायपुर को पत्र लिखकर शीघ्र निराकरण की मांग के साथ दी आंदोलन की चेतावनी
बेमेतरा 11 जुलाई 2026 - बेमेतरा का कृषि विभाग और मार्कफेड जानबुझकर बेमेतरा जिला के किसानों को डीएपी खाद से वंचित कर रहा है, जबकि बेमेतरा से नजदीक रैक प्वाइंट तिल्दा, भाटापारा और डब्लू जीसीआर में डीएपी के रैक आ रही है, परन्तु कृषि विभाग एवं मार्कफेड द्वारा मांगपत्र नहीं दिए जाने के कारण बेमेतरा जिला को डीएपी का आबंटन नहीं दिया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कृषि विभाग एवं मार्कफेड को आड़े हाथों लेकर जिला प्रशासन व सरकार पर साधा निशाना।
जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने आगे कहा कि चूंकि धान फसल के लिए डीएपी सर्वश्रेष्ठ उर्वरक की श्रेणी में आता है एवं इसका दाम भी कम होता है। लेकिन बेमेतरा जिला प्रशासन जानबुझकर किसानों को इस खाद से वंचित रखने की रणनीति पर काम कर रहा है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार जानबूझकर बेमेतरा जिले को जहां धान उत्पादन सर्वाधिक होता है, धान खरीदी से बचने और किसानो को धान उत्पादन से हतोत्साहित करने के उपाय के तौर पर देखा जाएगा। वर्तमान में किसान महंगे कॉम्प्लेक्स खाद एनपीके खरीदने मजबूर हो रहे है। जबकि पूरे जिले के कुछ गिने चुने समिति में नाम मात्र डीएपी उपलब्ध है और उसे भी एकदम सीमित मात्रा में दिया जा रहा है, जो कि किसानो की जरूरत का दस प्रतिशत भी नहीं है। समितियों में भी ऊंचे दामों वाले एनपीके दिया जा रहा है, वो भी पर्याप्त मात्रा में नहीं है।
ऐसी परिस्थिति में कांग्रेस पार्टी किसानो की लड़ाई को किसान की खेत से लेकर विधानसभा और संसद तक लेकर जाएगी और किसानो के साथ सरकार द्वारा किए जा रहे छल को उजागर कर जनता के सामने लाने का काम करेगी। साथ ही हर हाल में किसानों को उनके जरूरत का उर्वरक दिलाने संघर्ष करेगी।
इस सम्बन्ध में जिला कांग्रेस बेमेतरा अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने जिला कलेक्टर बेमेतरा और संचालनालय रायपुर को पत्र लिखकर शीघ्र निराकरण की मांग की है। अगर बेमेतरा जिला के किसानों को डीएपी आपूर्ति नहीं जाती है, तो किसानो को साथ लेकर आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा।
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