मानसून में देरी के बावजूद घबराएं नहीं, वैज्ञानिक सलाह से करें खरीफ खेती : कृषि विज्ञान केंद्र

कृषि वैज्ञानिकों ने बताया समय - जुलाई अंत तक धान की सीधी बुआई तथा 30 जुलाई तक रोपाई और बियासी का कार्य 
बेमेतरा 15 जुलाई 2026 - मानसून में लगभग 10 दिन की देरी को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र बेमेतरा एवं कृषि विभाग ने किसानों को वैज्ञानिक सलाह जारी की है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि किसान घबराएं नहीं और मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि कार्य करें। जुलाई के अंत तक धान की सीधी बुआई तथा 30 जुलाई तक रोपाई और बियासी का कार्य पूरा किया जा सकता है। हरेली (12 अगस्त) तक बोआई-रोपाई होने पर भी उत्पादन पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
    वैज्ञानिकों ने किसानों को शीघ्र एवं मध्यम अवधि (125-130 दिन) में पकने वाली धान की उन्नत किस्मों के उपयोग, बीजोपचार, जैव उर्वरकों के प्रयोग तथा समय पर खरपतवार नियंत्रण की सलाह दी है। साथ ही आवश्यकता अनुसार अनुशंसित निंदानाशकों का उपयोग कृषि विशेषज्ञों की सलाह से करने को कहा गया है। 
  कृषि विभाग ने बताया कि सहकारी समितियों में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और पोटाश सहित पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हैं। किसानों से संतुलित उर्वरक उपयोग, हरी खाद एवं नील हरित काई अपनाने तथा कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के सतत संपर्क में रहकर खेती करने की अपील की गई है। 

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