जिले में पेयजल परिरक्षण अधिनियम शिथिल, कलेक्टर ने किया 15 जुलाई से प्रतिबंध समाप्त
बेमेतरा 17 जुलाई 2026 - कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई द्वारा जिले में वर्तमान वर्षा की स्थिति तथा पेयजल उपलब्धता की समीक्षा के उपरांत पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक-3), 1987 के तहत लागू प्रतिबंधों को दिनांक 15 जुलाई 2026 से शिथिल कर दिया गया है। इस संबंध में आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से इसे लागू कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि 23 जून 2026 के माध्यम से जिले में पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक-3), 1987 को 01 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 अथवा भूजल स्थिति की पुनर्समीक्षा तक प्रभावी किया गया था। इस दौरान पेयजल संरक्षण एवं जल के विवेकपूर्ण उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आवश्यक प्रतिबंध लागू किए गए थे। वर्तमान में जिले में मानसून सक्रिय है तथा 1 जून 2026 से आज दिनांक तक कुल 183 मि.मी. वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्राप्त वर्षा के फलस्वरूप जिले के किसानों द्वारा खरीफ फसलों की बुवाई एवं अन्य कृषि गतिविधियां निरंतर संचालित की जा रही हैं तथा कृषि कार्य सुचारू रूप से संपादित हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त शिवनाथ नदी पर निर्मित एनीकटों एवं अन्य जल संरचनाओं में पर्याप्त जलभराव होने से जल उपलब्धता की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जिले में पेयजल स्रोतों में पर्याप्त जल उपलब्ध है तथा वर्तमान समय में किसी भी नगरीय अथवा ग्रामीण क्षेत्र से पेयजल संकट अथवा जलापूर्ति संबंधी गंभीर समस्या की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
इन परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल की वर्तमान स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक-3), 1987 के प्रावधानों को 15 जुलाई 2026 से शिथिल करने का निर्णय लिया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि प्रतिबंध शिथिल किए जाने के बावजूद जल का उपयोग आवश्यकतानुसार एवं मितव्ययिता के साथ करें तथा जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर जल का सदुपयोग सुनिश्चित करें।
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