छग प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ द्वारा ज्ञापन प्रेषित कर किया गया ध्यानाकर्षण का प्रयास
दुर्ग 08 जुलाई 2026 - छग प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ दुर्ग के पदाधिकारियों द्वारा दो प्रतिशत डीए सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सांसद, मंत्री एवं विधायकगणों को उनके प्रवास के दौरान ज्ञापन सौपा गया।
संघ के पदाधिकारीगण राजेश चटर्जी शिक्षक फेडरेशन, विजय लहरे प्रांतीय महामंत्री, प्रदीप चौहान वरिष्ठ उपाध्यक्ष, भानु प्रताप यादव जिलाध्यक्ष, शिवदयाल धृतलहरे जिला सचिव, सुखेन्द्र देवांगन संयोजक शिक्षा विभाग, धर्मेन्द्र देशमुख, व्हीएस राव कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष स्वास्थ्य विभाग, सुरेश साहू संयोजक पशु चिकित्सा विभाग, डीएस भारद्वाज, पंकज राठोैर जिलाध्यक्ष स्वास्थ्य संयोजक संघ, राकेश सिंह, अशोक गुप्ता, मोतीराम खिलाड़ी जिलाध्यक्ष लधु वेतन कर्मचारी संघ, निर्मला रात्रे, संजय साहू, चतुर यादव, प्रवीण रात्रे, जुवेल लकड़ा, वेदप्रकाश, यशवंत साहू, रविकांत परगनिहा, अनिल दुबे, राहुल सिरमौर सहित कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
संघ के प्रबंध कार्यकारिणी द्वारा लिये गये निर्णय एवं संघो की सहमति अनुसार मोदी की गारंटी के नाम से कर्मचारियों के लिये की गयी घोषणा को लागू करने हेतु ध्यानाकर्षण ज्ञापन निम्नानुसार है -
1. विदित हो कि राज्य के छ.ग. राज्य विद्युत मंडल, न्यायिक सेवा अधिकारी एवं अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को केन्द्र की तिथी 01 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत किया गया है, किन्तु प्रदेश के लगभग 4.50 लाख अधिकारी एवं कर्मचारियों को उक्त लाभ से वंचित रखा गया है। छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति देय तिथि से महंगाई भत्ता तथा पेंशनरों को महंगाई राहत दिया जावे एवं डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते मे समायोजित किया जावे।
2. विधान सभा के बजट सत्र में वित्त मंत्री द्वारा कर्मचारी एवं अधिकारियों के लिये कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की गयी है, किन्तु अभी तक नियम निर्देश जारी नहीं किये गये हैं, कर्मचारी हित में आदेश तत्काल जारी किया जावे।
3. केन्द्रीय कर्मचारियो एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के कर्मचारियों की भांति सेवानिवृत्ति पर छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों को भी 240 दिन के स्थान पर 300 दिनों का अवकाश नगदीकरण आदेश जारी किया जावे।
4. संविदा, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित कर्मचारियों को रिक्त पदों पर नियमित किया जावे तथा मध्यप्रदेश की भांति सेवा सुरक्षा सुनिश्चित किया जावे।
5. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए शिक्षक एलबी संवर्ग को समस्त सेवा का लाभ दिया जावे।
6. अनुकंपा नियुक्ति की 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त किया जावे।
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