खाद गुणवत्ता नियंत्रण पर प्रशासन सख्त, 3 खाद लाइसेंस निलंबित, 953 बोरी खाद जब्त

जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता, लक्ष्य के विरुद्ध 110% यूरिया एवं 212% सिंगल सुपर फास्फेट का भंडारण 

किसानों से डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट एवं एनपीके खाद के उपयोग की अपील 
बेमेतरा 11 जुलाई 2026 - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देशन मे खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए बेमेतरा जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर खाद का भंडारण एवं वितरण किया जा रहा है। शासन द्वारा जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। साथ ही खाद की गुणवत्ता एवं कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सघन निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। 

लक्ष्य के अनुरूप खाद का भंडारण एवं वितरण जारी 
शासन द्वारा जिले के लिए कुल 68300 मीट्रिक टन खाद भंडारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक जिले को 66560 मीट्रिक टन खाद प्राप्त हो चुकी है, जो पिछले वर्ष के कुल खाद वितरण का 103 प्रतिशत है। अब तक 45953 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कुल उपलब्ध खाद का लगभग 67 प्रतिशत है।

डीएपी के साथ अन्य उर्वरकों की भी पर्याप्त उपलब्धता 
जिले के लिए 16200 मीट्रिक टन डीएपी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 6699 मीट्रिक टन डीएपी समितियों में उपलब्ध कराया जा चुका है। यह पिछले वर्ष के डीएपी वितरण का लगभग 60 प्रतिशत है। डीएपी के अतिरिक्त जिले में अब तक 11698 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) तथा 7725 मीट्रिक टन एनपीके खाद भी प्राप्त हो चुकी है। वर्तमान में लक्ष्य के विरुद्ध सिंगल सुपर फास्फेट का 212 प्रतिशत, यूरिया का 110 प्रतिशत तथा एनपीके का 77 प्रतिशत भंडारण सुनिश्चित किया जा चुका है, जिससे किसानों को उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। 

डीएपी के विकल्प के रूप में एसएसपी और एनपीके का करें उपयोग 
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे डीएपी के विकल्प के रूप में सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) एवं एनपीके उर्वरकों का भी उपयोग करें। विभाग के अनुसार सिंगल सुपर फास्फेट में 16 प्रतिशत फास्फोरस एवं 11 प्रतिशत सल्फर उपलब्ध होता है, जो फसलों की बेहतर वृद्धि एवं उत्पादन के लिए लाभकारी है। संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। 

खाद की गुणवत्ता पर प्रशासन की सख्त निगरानी 
जिले में खाद की गुणवत्ता बनाए रखने तथा कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय उड़नदस्ता दल लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान अब तक 3 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। 3 प्रकरणों में 953 बोरी खाद जब्त की गई है, जबकि 4 प्रकरणों में खाद विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। 

किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता 
कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को समय पर पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विभाग द्वारा खाद की उपलब्धता, वितरण एवं गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि जिले के किसानों को बिना किसी बाधा के खेती के लिए आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो सकें। 

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