डेंगू जन जागरूकता रथ को सीएमएचओ व नोडल अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

डेंगू के लक्षण, कारण, बचाव, निःशुल्क ईलाज की जानकारी देते हुए चलाया गया जन जागरूकता अभियान 

कलेक्टर के निर्देश व सीएमएचओ के मार्गदर्शन पर राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर जिलें के स्वास्थ्य केंद्रों में विविध आयोजन 
बेमेतरा 16 मई 2026 - देशभर में 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष इसका आयोजन थीम ‘‘डेंगू नियंत्रण में सामुदायिक भागीदारी : जाॅच करें, सफाई करें और ढकें (Community Participation Dengue Control : Check, Clean and Cover) पर आधारित है। 
  इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन तथा जिला नोडल अधिकारी (NVBDCP) डाॅ. बीएल राज के देखरेख में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, जिला चिकित्सालय, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं समस्त शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में आयोजित किया गया। 
    इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अमृत लाल रोहलेडर एवं जिला नोडल अधिकारी डाॅ. बीएल राज जन जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इसका उद्देश्य डेंगू जैसे जानलेवा बीमारी के रोकथाम व बचाव के संबंध में जनजागरूकता फैलाना है। 
     मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमृत लाल रोहलेडर ने बताया कि डेंगू बीमारी संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू का मच्छर गंदा व स्थिर पानी में पनपता है। 

डेंगू के प्रमुख लक्षण 
अचानक तेज बुखार, तेज सिर दर्द, मांस पेशी व जोडों में दर्द, जी मचलाना, उल्टी, आंतरिक रक्त स्त्राव, आंखों के पीछे दर्द, नाक व मसूडे में खून आना इत्यादि है। 

      इन लक्षणों से पीड़ित मरीजों का तत्काल जांच कर समुचित ईलाज दिया जाना चाहिये, जो कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो एवं जिला चिकित्सालय में निःशुल्क उपलब्ध है। 
   जिला नोडल अधिकारी ने जानकारी दिया कि मच्छर एवं लार्वा स्त्रोत नियंत्रण गतिविधि के अंतर्गत जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल एवं जला हुआ मोबिल ऑयल डालें, घर के आसपास के गडढो में पानी एकत्रित न होने दे, कूलर की नियमित सफाई करें, टायर व पुराने बर्तन में जमा पानी को फेंक दें, सामान्य मच्छरदानी को कीटनाशक से उपचारित कर उपयोग में लाएं। डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। बुखार उतारने के लिए पैरासीटामोल ले सकते हैं। एस्प्रीन या इबुब्रेफेन का इस्तेमाल अपने आप ना करें, डाॅक्टर की सलाह लें। डेंगू के हर रोगी को प्लेटलेट्स की आवश्यकता नही पडती। 
   उक्त कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. अमृत लाल रोहलेडर व जिला नोडल अधिकारी (NVBDCP) डाॅ. बीएल राज, जिला कार्यक्रम प्रबंधक लता बंजारे, हीना डीपीएचएन, व्हीबीडी पर्यवेक्षक गुलाबचंद साहू, अर्जुन लाल डाटा मैनेजर आईडीएसपी, LHV व अन्य समस्त अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।