व्यापक जांच में औषधि ने शासकीय अस्पताल के दुकानों व कैंटीन की जांच, खाद्य ने निजी दुकानों से जांच हेतु लिए मात्र 06 नमूने
जिलें में प्रतिष्ठानों की संख्या को देखते हुए जांच, कार्यवाही व सैंपल की संख्या में नहीं दिखाता तालमेल, विभाग की कार्यशैली पर संशय
बेमेतरा 08 मई 2026 - “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत बेमेतरा जिले में व्यापक जांच अभियान महज एक मजाक बनता दिखाई पड़ रहा हैं। व्यापक जांच अभियान के नाम पर शासकीय परिसर में संचालित दुकानों का जांच कर कार्यवाही एवं अभियान के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति किया जा रहा हैं। जबकि निजी दुकानों की जांच व कार्यवाही अब तक देखने को नहीं मिल पाई हैं। जिलें के अधिकारियों की यह कैसी कार्यशैली है जो समझ तो आती हैं मगर हजम नहीं होती।
ज्ञात हो कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा प्रदेशव्यापी 15 दिवसीय विशेष अभियान “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” के तहत बेमेतरा जिले में व्यापक जांच एवं जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 27 अप्रैल 2026 से 11 मई 2026 तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ एवं औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सह उपसंचालक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम द्वारा जिलेभर में लगातार निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की जा रही है।
औषधि प्रकोष्ठ की कार्यवाही
अभियान के अंतर्गत जिले के शासकीय चिकित्सालयों में संचालित औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर दवाओं की गुणवत्ता की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से सिविल अस्पताल बेमेतरा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बेरला में संचालित औषधि स्टोर्स का परीक्षण किया गया तथा संबंधित संचालकों को औषधि नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही शासकीय नवीन महाविद्यालय बेरला में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों द्वारा नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव, नशीली दवाओं के सेवन की रोकथाम, कोटपा एक्ट 2003 के प्रावधान, एंटीमाइक्रोबियल रजिस्टेंस तथा खाद्य सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
खाद्य प्रकोष्ठ की कार्यवाही
खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम द्वारा जिला चिकित्सालय में मरीजों एवं उनके परिजनों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच हेतु कैंटीन, पोषण पुनर्वास केन्द्र (NRC) के किचन एवं स्टोर रूम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों को स्वच्छता बनाए रखने, उचित भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
अभियान के तहत जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों जैसे किराना दुकान, ट्रेडिंग फर्म, गुपचुप-चाट सेंटर, मिठाई दुकान, रेस्टॉरेंट, होटल एवं ढाबों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों के विक्रय एवं भंडारण की जांच की गई तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न प्रतिष्ठानों से सोयाबड़ी, खड़ी मिक्स मसाला, चॉकलेट, फ्रूट ड्रिंक्स, कोल्ड ड्रिंक्स, सोडा वॉटर एवं कुक्ड सॉस सहित कुल 06 खाद्य नमूने जांच हेतु लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
फल दुकानों एवं कोल्ड स्टोरेज का भी निरीक्षण
टीम द्वारा जिले की फल दुकानों एवं कोल्ड स्टोरेज चेम्बरों का निरीक्षण कर सड़े-गले फलों की छंटाई कराने तथा फलों को पकाने के लिए हानिकारक रसायनों का उपयोग नहीं करने के निर्देश दिए गए। खाद्य कारोबारियों को हैण्ड ग्लव्स, हेड कैप का उपयोग करने एवं स्वच्छ पेयजल के सुरक्षित भंडारण के संबंध में भी निर्देशित किया गया।
अपील - खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई है कि किसी भी खाद्य पदार्थ का उपयोग करने से पहले उसकी निर्माण तिथि एवं अवसान तिथि की जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री का ही उपयोग करें।