प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष के नेतृत्व में नेशनल लोक अदालत बेमेतरा में 13029 प्रकरणों का सफल निराकरण, 23342561 का अवार्ड पारित

वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत बेमेतरा में 3448951 की ऋण व 25791512 का समझौता शुल्क की वसूली 

बेमेतरा में 10 खंडपीठों के द्वितीय नेशनल लोक अदालत में 7 परिवार हुए एक 
बेमेतरा 09 मई 2026 - जिला न्यायालय बेमेतरा में वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें श्रीमती सरोज नंद दास प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दीप प्रज्जवलन कर लोक अदालत का शुभारंभ किया तथा कार्यक्रम में उपस्थित न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण एवं पक्षकारगण को अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करने हेतु प्रोत्साहित कर शुभकामनाएं दी गई। अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बेमेतरा द्वारा लोक अदालत की विशेषता बताते हुए कहां कि पक्षकारों के मन में पुराने समय से चल रही वैमनस्यता को दूर करने के लिए लोक अदालत बहुत अच्छा माध्यम है। यह एक राष्ट्र के प्रति सेवा है, जिसमें हमें बढ चढ़कर अपनी सहभागिता देनी चाहिए तथा न्यायालय में लंबित मामलों के अधिक से अधिक निराकरण कर सौहाद्रपूर्ण वातावरण का निर्माण कर राष्ट्र के विकास में सहयोग प्रदान करना चाहिए। 
       जिला न्यायालय बेमेतरा में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 13029 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। लोक अदालत में बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित हुए तथा आपसी समझौते एवं सुलह के माध्यम से मामलों का त्वरित निपटारा किया गया। 
      जिला एवं तहसील स्तर पर कुल 10 न्यायालयीन खंडपीठों का गठन किया गया, जिनमें जिला न्यायालय बेमेतरा में 9 तथा तहसील न्यायालय साजा में 1 खंडपीठ शामिल रही। प्रत्येक खंडपीठ में दो-दो सुलहकर्ता सदस्यों की नियुक्ति की गई थी। लोक अदालत में पक्षकारों की सुविधा के लिए विधिक सहायता डेस्क, स्वास्थ्य डेस्क, स्वचलित चिकित्सकीय वैन तथा बैंक, विद्युत विभाग, नगर पालिका एवं बीएसएनएल विभाग द्वारा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण हेतु स्टॉल लगाए गए थे। 

2 करोड़ 57 लाख 91 हजार रुपये की समझौता राशि 
लोक अदालत में कुल 11746 प्री-लिटिगेशन एवं लंबित प्रकरण निराकरण हेतु रखे गए थे। इनमें राजस्व, विद्युत, बैंक एवं बीएसएनएल से संबंधित प्रकरणों का निराकरण कर 34 लाख 48 हजार 951 रुपये की वसूली की गई। वहीं न्यायालय में लंबित आपराधिक, सिविल, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा, एनआई एक्ट एवं अन्य मामलों का निराकरण कर कुल 2 करोड़ 23 लाख 42 हजार 561 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार जिले में कुल 2 करोड़ 57 लाख 91 हजार 512 रुपये की समझौता राशि वसूल की गई। 

न्याय वृक्ष, द्वार तोरण और प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र 
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नालसा एवं सालसा योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए न्याय वृक्ष, द्वार तोरण एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से आमजन को बाल विवाह निषेध, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, मोटर यान अधिनियम, निःशुल्क विधिक सहायता सहित विभिन्न विधिक विषयों की जानकारी दी गई। न्यायालय परिसर में प्रेरणादायक सुविचारों की तख्तियां भी लगाई गईं, जिनके माध्यम से आपसी रंजिश समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने का संदेश दिया गया। 

लघु फिल्मों से विधिक जागरूकता का प्रसार 
जिला न्यायालय परिसर में प्रोजेक्टर के माध्यम से घरेलू हिंसा, महिलाओं के विरुद्ध अपराध, साइबर क्राइम, सड़क दुर्घटना एवं अन्य सामाजिक विषयों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। पक्षकारों के लिए बैठक एवं पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की गई थी। 

पौधा वितरित व सेल्फी जोन का लुफ्त 
लोक अदालत में समझौता करने वाले पक्षकारों को प्रोत्साहन स्वरूप फलदार, फूलदार एवं छायादार पौधों का वितरण किया गया। न्यायालय परिसर में सेल्फी जोन भी आकर्षण का केंद्र रहा। 

व्यवहार वाद एवं मोटर दुर्घटना त्वरित न्याय 
लोक अदालत में कई महत्वपूर्ण व्यवहार वाद एवं मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण किया गया। एक प्रकरण में मोटर दुर्घटना से मृतक के परिजनों को 22 लाख रुपये की समझौता राशि प्रदान करने पर सहमति बनी। वहीं मोटर दुर्घटना दावा निष्पादन के 18 लंबित मामलों में बीमा कंपनियों द्वारा कुल 73 लाख 25 हजार रुपये की राशि देने पर समझौता हुआ। एनआई एक्ट के एक प्रकरण में 70 हजार रुपये के चेक बाउंस मामले का समझौता 33 हजार रुपये में कराया गया। इसी प्रकार बैंक एवं फाइनेंस कंपनी से जुड़े मामलों में भी समझौते के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण किया गया। 

अपराधिक मामलों में आपसी समझौता 
नेशनल लोक अदालत में कई आपराधिक मामलों का भी सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। गांवों में पुराने विवाद, मारपीट, गाली-गलौज एवं आपसी रंजिश से जुड़े मामलों में पक्षकारों ने न्यायालय की समझाइश पर आपसी सहमति से राजीनामा कर लिया। इससे गांवों में सौहार्दपूर्ण वातावरण स्थापित करने में मदद मिली। 

पैतृक संपत्ति एवं पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान 
लोक अदालत में पैतृक संपत्ति, जमीन बंटवारा एवं पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया। कई वर्षों से लंबित मामलों में पक्षकारों ने समझौता कर आपसी संबंधों को पुनः मधुर बनाया। 

परिवार न्यायालय में 7 परिवार हुए एक 
कुटुम्ब न्यायालय में विशेष प्रयासों के तहत 7 दंपत्तियों के बीच सुलह कर उन्हें पुनः साथ रहने के लिए प्रेरित किया गया। इनमें प्रेम विवाह, वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण एवं पारिवारिक मतभेद से जुड़े प्रकरण शामिल थे। न्यायालय की काउंसलिंग एवं समझाइश के बाद सभी दंपत्तियों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर साथ रहने का निर्णय लिया।

    नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन में न्यायालयीन कर्मचारियों, पैरालीगल वालंटियर्स, जिला प्रशासन, नगर पालिका, जिला एवं जनपद पंचायत, बैंक, विद्युत विभाग तथा अन्य विभागों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।