प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत सेंदूरखार से सेजाडीह तक पक्की सड़क का निर्माण किया गया है, जिससे वनांचल में बसे बैगा परिवारों को राहत मिलेगी, सरकार की मंशा व उद्देश्य के अनुसार ग्रामीणों को अब गांव में सभी प्रकार की सुविधा मिलने में होंगी आसानी - पीएमजीएसवाई दुर्ग अधीक्षण अभियंता बलवंत सिंह पटेल

कवर्धा में पहाड़ काटकर बनाई गई पहली पक्की सड़क, वनांचल के बैगा परिवारों को आमजनो की तरह मिलेगी राहत व सुविधा 

प्रधानमंत्री जनमन योजना से सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.1 किमी की पक्की सड़क निर्माण से बदली गांव की तस्वीर, ग्रामीणों में खुशी व राहत 
कवर्धा/दुर्ग 06 मई 2026 :- कबीरधाम जिले के सुदूर वनांचल में बसे ग्राम सेजाडीह में अब विकास की नई राह खुल गई है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत यहां पहली बार पक्की सड़क बनने से ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। सालों तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे इस पहाड़ी गांव के बैगा परिवारों को अब आवागमन की बेहतर सुविधा मिल रही है। 

वनांचल गांव तक पहली बार पहुंची पक्की सड़क 
दुर्ग पीएमजीएसवाई के अधीक्षण अभियंता बलवंत सिंह पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.1 किलोमीटर की पक्की सड़क बनाई गई है। वनांचल में बसे बैगा परिवारों को राहत देने की मंशा व उद्देश्य को लेकर सरकार ने इस सड़क निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की थी, जो कि अब पूरी होंगी। उन्हें भी अब आम लोगों की तरह सुविधाओं से दो चार होने की समस्या से मुक्ति मिलेगी। 

पहाड़ को काटकर बनाया गया रास्ता 
सेजाडीह में पहली बार पक्की सड़क पहुंची है। सड़क निर्माण के लिए पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया गया हैं। विभाग की जानकारी के अनुसार सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.1 किलोमीटर की इस सड़क की लागत 1 करोड़ 56 लाख 88 हजार रुपए आई है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण यह काम चुनौतीपूर्ण था, जिसके लिए पहाड़ काटकर रास्ता तैयार किया गया। 

स्वास्थ्य, आवास, स्कूल, बाजार की सुविधा 
पीएमजीएसवाई दुर्ग के अधीक्षण अभियंता बलवंत सिंह पटेल ने बताया कि दूरस्थ घाट सेजाडीह में सड़क बनने से गांव वालों को बाजार की सुविधा हो गई है, घाटी होने के कारण कोई भी सामग्री गांव तक नहीं पहुंच पाती थी, अब जनमन के तहत आवास बनाए जा रहे हैं, स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, पक्का स्कूल भी बनाया गया है। 

सड़क नहीं होने से गांव तक नहीं पहुंच पाती थी कोई भी सुविधा 
पहले सेजाडीह गांव तक पहुंचने के लिए संकरे और कठिन पहाड़ी रास्तों का सहारा लेना पड़ता था। मरीजों को अस्पताल ले जाना, बच्चों का स्कूल जाना और किसानों के लिए उपज बाजार तक पहुंचाना बेहद मुश्किल था। ग्रामीणों को राशन, दवाई और जरूरी सामान लाने के लिए पंडरिया और कुई बाजार तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिसे वे सिर या कंधे पर ढोकर लाते थे। 
सड़क निर्माण से ग्रामीण खुश 
सेंदूरखार से सेजाडीह तक 2.10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क (ETV Bharat Chhattisgarh) सड़क बनने से ग्रामीण बेहद खुश हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब आवागमन की अच्छी सुविधा हो गई है, गांव में जरुरी सामान भी आसानी से मिलने लगा है। 

पहले हमारे गांव में रोड नहीं था, तो हमें बहुत परेशानी होती थी, गाड़ी गांव तक नहीं आ पाती थी, अब सड़क बनने के बाद कहीं भा आना जाना कर रहे हैं, गांव तक कोई भी सामान आसानी से पहुंच रहा है - बूदसिंह धुर्वे, पंच 

पीएम जनमन योजना से सड़क बन जाने से काफी सुविधा हो गई है, हर बुधवार को गांव में गाड़ी आती है, अब कोई भी सामान आसानी से गांव में मिलने लगा है - ग्रामीण महिला 

      ग्रामीणों ने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि दशकों बाद उनके गांव तक विकास की सच्ची तस्वीर पहुंची है।