पंचायत उप निर्वाचन 2026 : ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर जिला प्रशासन के निर्देश जारी

रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पूर्णतः प्रतिबंधित, अनुमति लेना अनिवार्य 
बेमेतरा 12 मई 2026 - त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन मई 2026 के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा जिले में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बेमेतरा द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग रायपुर द्वारा पंचायत उप निर्वाचन मई 2026 का निर्वाचन कार्यक्रम 08 मई 2026 को जारी किए जाने के साथ ही संबंधित ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो गई है। निर्वाचन अवधि के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा प्रचार-प्रसार हेतु लाउड स्पीकरों का व्यापक उपयोग किया जाता है, जिससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ने के साथ आमजन की शांति एवं प्रशांति प्रभावित होती है। 
     जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि वाहनों एवं चुनावी सभाओं में अत्यधिक तेज आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है तथा वृद्ध, बीमार एवं कमजोर व्यक्तियों को भी गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी प्रतिष्ठा ममगाई द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा-4 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। 

रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध 
जारी आदेशानुसार संबंधित जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत एवं पंचायत वार्ड की सीमाओं के अंतर्गत रात्रि 10 बजे से प्रातः 06 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। 

मध्यम आवाज में ही होगा उपयोग 
निर्वाचन प्रचार के लिए वाहनों एवं चुनावी सभाओं में प्रातः 06 बजे से रात्रि 10 बजे तक ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जा सकेगा। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि ध्वनि विस्तारक साधारण प्रकार के होंगे तथा उन्हें मध्यम आवाज में ही चलाया जाएगा। लोक शांति एवं ध्वनि नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लंबे चोंगे वाले हार्न माइक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अतिरिक्त वाहनों एवं चुनावी सभाओं में एक से अधिक माइक समूह लगाने की अनुमति भी नहीं होगी। 

पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य 
जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि चुनावी सभाओं एवं चुनाव प्रचार के लिए वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग हेतु संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी अथवा तहसीलदार कार्यालय से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। 
     जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों, अभ्यर्थियों एवं आम नागरिकों से आदेश का पालन करने की अपील करते हुए कहा है कि निर्वाचन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित बनाए रखने में सहयोग करें।