डीआईजी ने जिले के अधिकारियों, प्रभारियों एवं आरक्षकों की बैठक लेकर दी योजनाओं की जानकारी व निर्देश
महिलाओं/बच्चो संबंधी अपराधों एवं पीडित क्षतिपूर्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
सीसीटीएनएस तहत एमएलसी/पीएम रिपोर्ट को ऑनलाइन संबंधित अस्पतालों में भेजे जाने दिए निर्देश
ई-समंस पोर्टल, समन्वय पोर्टल, NCCRP, CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के उपयोग और संचालन के संबंध में दिए निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को रूपये 1.50 लाख तक की कैशलेश उपचार योजना का लाभ पीड़ितों को दिलाने की कार्यवाही करने के दिए निर्देश
बेमेतरा 11 अप्रैल 2026 - पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय बेमेतरा के सभा कक्ष में जिले के राजपत्रित अधिकारी, थाना/चौकी प्रभारियों एवं सीसीटीएनएस/कोर्ट आरक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली।
पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू ने अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर नकेल कसने सहित सुरक्षा व शांति व्यवस्था के मद्देनजर रखते हुए पुलिस राजपत्रित अधिकारियों सहित थाना/चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शाम को चौक-चौराहों में विजिबल पुलिसिंग के निर्देश दिए गए। विजिबल पुलिसिंग के अंतर्गत पैदल पेट्रोलिंग एवं वाहन पेट्रोलिंग कर भीड-भाड वाले स्थानो, सार्वजनिक स्थानो/सूनसान स्थानों में जमावडा लगाकर नशा करने वालों, गुटबाजी/अड्डेबाजी करने वालों, संदिग्ध व्यक्तियों के वाहनों की डिक्की, रात्रि में बेफिजुल घुमने वालों सहित आम जगह पर शराब सेवन करने एवं शराब पिलाने की सुविधा उपलब्ध कराने, हाटल, ढाबा, सार्वजनिक मैदान, पार्क, चौक-चौराहों एवं अन्य सार्वजनिक स्थान पर चार पहिया वाहन के अंदर बैठकर शराब पीने वालों की लगातार चेकिंग कार्यवाही करने एवं रात्रि गस्त के दौरान संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कार्यवाही करने निर्देश दिए गए।
उन्होने कहा कि यौन उत्पीडन/अन्य अपराधों से पीडित महिलाओं/उत्तरजीवियों के लिए क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत आने वाले अपराधों धाराओं के कारित होने पर राज्य/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रकरण प्रस्तुत कर पीडिता को न्याय और पीडित को पीडित क्षतिपूर्ति योजना का लाभ मिल सके। थानावार महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों की जानकारी लेकर महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों को एक अभियान चलाकर यथा शीघ्र निराकरण करने एवं गुम बालक/बालिकाओं को अभियान चलाकर दस्तयाब कर बरामद करने हेतु निर्देशित किया गया।
उन्होनें लंबित अपराधों, मर्ग, गुम इंसान और लंबित शिकायतों के शीघ्र निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया। अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं और अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ई-साक्ष्य, ई-संमस एवं ई-चालान के तहत कृत कार्यवाही किये जाने, असामाजिक तत्वों पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने, अपराध नियंत्रण एवं लघुअधिनियम प्रकरणों में ध्याने देने, गुगल स्प्रीड शीट में लंबित चालान, अपराध, मर्ग, गुम इंसान, लंबित शिकायतो को अलग-अलग गुगल स्प्रीड शीट में एन्ट्री कर अपलोड शीघ्र करने, गुंडा एवं निगरानी बदमाशो की फाईल खोलने एवं तीन से अधिक अपराधो में जिला बदर की कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिए गए।
डीआईजी ने कहा कि नए कानूनों से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ होगी। साथ ही समयबद्ध मामलों का शीघ्र निपटारा कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही, उन्होंने तलाशी और जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य बताते हुए, मामलों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होनें नए लागू तीन आपराधिक कानूनों नवीन भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।
उन्होनें सीसीटीएनएस योजनांतर्गत एमएलसी/पीएम रिपोर्ट को ऑनलाइन माध्यम से संबंधित अस्पतालों में भेजे जाने तथा एनसीआरबी, नई दिल्ली द्वारा विकसित ई-समंस पोर्टल, समन्वय पोर्टल, साइबर पुलिस पोर्टल (NCCRP), CEIR, JCCTP तथा CAIR पोर्टल के उपयोग और संचालन के संबंध में एवं इस दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए टीम भावना से कार्य करने हेतु दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू ने बीट आरक्षकों एवं प्रभारी से संवाद कर निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करें, स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें एवं निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दें: क्षेत्र में जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों, नशीली दवाओं की गतिविधियों की जानकारी एकत्र करें। गुंडा, निगरानी, सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत निगरानी रखें। क्षेत्र के भौगोलिक विवरण, प्रमुख जनप्रतिनिधि, कर्मचारी एवं वरिष्ठ व्यक्तियों की जानकारी संकलित करें। विवादग्रस्त क्षेत्र, अपराधिक ठिकानों, मेले-त्योहारों, डेरा डालने एवं घुमक्कड़ लोगों की गतिविधियों एवं क्षेत्र में चल रहे पुराने विवादों एवं विवाद का कारण की जानकारी नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करने।
डीआईजी द्वारा स्पष्ट किया गया कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सशक्त बनाना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से पुलिस का क्षेत्र पर नियंत्रण और सूचना तंत्र अधिक मजबूत होगा।
उन्होनें वीसीएनवी (ग्राम अपराध पुस्तिका) में थाना क्षेत्र के प्रत्येक गाँव में घटित होने वाले अपराधों, अपराधियों की जानकारी, संदिग्ध व्यक्तियों और गाँव की स्थिति का ब्यौरा दर्ज करने निर्देश दिए गए।
उन्होनें रात में गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, तथा गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने "सशक्त एप" के माध्यम से वाहनों की चेकिंग कार्यवाही को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही, स्मार्ट और हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।
मोटरयान के प्रयोग से सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को ऐसी दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 07 दिन की अवधि के लिये किसी भी नाम निर्दिष्ट अस्पताल में प्रति पीड़ित को रूपये 150000 तक की कैशलेश उपचार की पात्रता प्रावधानित होने के संबंध में जानकारी प्रदान कर पीड़ित को योजना का लाभ मिल सके इसलिए कृत कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देश दिए गए।
डीआईजी रामकृष्ण साहू ने थाना में पंजीबद्ध धोखाधड़ी, म्यूल अकाउंट के विरूद्ध अपराध के प्रकरणों का जल्द से जल्द निकाल करने विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू ने फरार चल रहे आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता के साथ आर्थिक धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
म्यूल अकाउंट, बैक या डीमैट अकाउंट के धारक जो अवैध गतिविधियों/ गैरकानूनी कामों के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे उनकी जानकारी प्राप्त कर वैधानिक कार्यवाही करने तथा अनाधिकृत रूप से म्यूल अकाउंट, अपने खाते को किसी दुसरे को उपयोग करने के लिए दिया जा रहा है एवं अनाधिकृत रूप से सीम एक्टीवेशन करने वाले एजेन्टों के विरूद्ध विधिवत कार्यवाही करने दिए गए निर्देश।
डीआईजी रामकृष्ण साहू ने पेंडिग शिकायत जांच एवं वरिष्ठ कार्यालयों से वेब पोर्टल के माध्यम से ऑन लाईन प्राप्त शिकायत की जानकारी लेकर शीघ्र निकाल करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव, डीएसपी (मुख्यालय) राजेश कुमार झा, एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का, एसडीओपी बेरला विनय कुमार, डीएसपी श्रीमती कौशिल्या साहू, रीडर-1 निरीक्षक कृष्ण कांत सिंह एवं साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, जिले के थाना/चौकी प्रभारी निरीक्षक सोनल ग्वाला, सत्य प्रकाश उपाध्याय, लेखराम ठाकुर, दुलेश्वर चंद्रवंशी, रोशन लाल टोन्डे, उप निरीक्षक भुनेश्वर यादव, राकेश साहू, राजकुमार साहू, योगेश अग्रवाल, द्वारिका प्रसाद देशलहरे, असीम कीर्तनिया, ओंकार प्रसाद साहू, श्रीमती शैल शर्मा, सहायक उप निरीक्षक कंवल सिंह नेताम, सुरेश सिंह, उदलराम टांडेकर, कृष्ण कुमार क्षत्री, भलेतिनुस पन्ना, भानु प्रताप पटेल, शिकायत शाखा प्रभारी सउनि विष्णु सप्रे, एएसपी रीडर प्रधान आरक्षक वर्षा चौबे, रीना गायकवाड, नवनीत दुबे, खोमलाल साहू, आरक्षक मनीष देवांगन, सहित सीसीटीएनएस/कोर्ट आरक्षक एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहें।