पीएम आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन उपार्जन में तेजी, फसल सत्यापन के लिए नए निर्देश जारी

सत्यापन में आ रही कठिनाई के सुधार के निर्देश, संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण-पत्र मान्य 
बेमेतरा 07 अप्रैल 2026 - प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों के उपार्जन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। भारत सरकार एवं विभागीय पत्रों के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। 
    जारी निर्देशों के अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में दलहन फसलों जैसे अरहर, उड़द एवं मूंग तथा तिलहन फसलों जैसे सोयाबीन एवं मूंगफली के उपार्जन की कार्यवाही की जा रही है। वहीं रबी विपणन वर्ष 2026-27 में चना, मसूर एवं सरसों जैसी फसलों के उपार्जन की तैयारी की जा रही है। प्रशासन द्वारा इन फसलों के उपार्जन को प्राथमिकता देते हुए किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। 

सत्यापन में आ रही कठिनाई के सुधार के निर्देश 
विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि रबी फसलों की गिरदावरी एवं डीसीएस प्रविष्टियों के अपूर्ण रहने के कारण फसल एवं रकबा सत्यापन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। इसके चलते उपार्जन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस समस्या के समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया में सुधार लाने के निर्देश दिए गए हैं। 

संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण-पत्र मान्य 
नए निर्देशों के तहत अब फसल एवं रकबा सत्यापन के लिए पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण-पत्र को मान्य किया जाएगा। किसान द्वारा प्रस्तुत इस प्रमाण-पत्र के आधार पर सत्यापन कर उपार्जन की कार्यवाही की जाएगी। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को इस संबंध में स्पष्ट मार्गदर्शन दें तथा उपार्जन प्रक्रिया को समयबद्ध एवं सुचारू रूप से संचालित करना सुनिश्चित करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी तथा सभी प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।