अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन की अपील, लापरवाही से बचने के दिए अहम सुझाव

बेमेतरा 21 अप्रैल 2026 - आधुनिक भागदौड़ भरी जीवनशैली में अग्नि सुरक्षा को लेकर बढ़ती लापरवाही गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। गैस, बिजली एवं अन्य ज्वलनशील पदार्थों के उपयोग में थोड़ी सी असावधानी भी बड़ी अग्नि दुर्घटनाओं का कारण बन रही है, जिससे जान-माल की भारी क्षति होती है। कई मामलों में आग इतनी विकराल रूप ले लेती है कि जंगलों को राख कर देती है और बहुमंजिला इमारतों में फंसे लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। 

जनजागरूकता के लिए सुरक्षा संदेश किए गए जारी 
इन्हीं खतरों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग द्वारा आमजन में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से अग्नि सुरक्षा संबंधी संदेश जारी किए गए हैं। नागरिकों को समझाया गया है कि “अग्निदुर्घटना वहीं घटती है जहां लापरवाही बढ़ती है” तथा “अग्नि से सुरक्षा ही जीवन की सुरक्षा है।” लोगों से अपील की गई है कि वे ज्वलनशील पदार्थों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, गैस सिलेंडर एवं विद्युत उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करें और आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। 

ग्रामीण क्षेत्रों में पराली जलाने से बचने की सलाह 
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर जोर देते हुए खेतों में रखे पलारी (पराली) को जलाने से बचने की सलाह दी गई है। भीषण गर्मी में यह आग तेजी से फैलकर बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अत्यंत आवश्यक स्थिति में प्रशासन को पूर्व सूचना देने, आसपास के किसानों को सतर्क करने तथा आग बुझाने के पर्याप्त साधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

आपात स्थिति में तुरंत करें सूचना, सही तरीके से बुझाएं आग 
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आग लगने की स्थिति में तत्काल अग्निशमन सेवा के आपात नंबर 112 पर सूचना देना आवश्यक है। साथ ही यह भी बताया गया है कि तेल या अन्य ज्वलनशील तरल पदार्थों में लगी आग को पानी से बुझाने के बजाय मिट्टी या रेत का उपयोग करना अधिक सुरक्षित होता है। 

बच्चों की सुरक्षा और सावधानी पर विशेष जोर 
अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बच्चों को आग से दूर रखने, पुराने पैरावट (सूखी घास) को सुरक्षित स्थान पर रखने तथा संभावित जोखिम वाले स्थानों पर चेतावनी संकेत लगाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि “सतर्कता हटी, अग्नि दुर्घटना घटी”, इसलिए हर नागरिक का जागरूक और सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है। 

छोटी चिंगारी भी बन सकती है बड़ी तबाही का कारण 
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी छोटी घटना या चिंगारी को नजरअंदाज न करें, क्योंकि यही आगे चलकर बड़े हादसे का रूप ले सकती है। जागरूकता, सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई ही अग्नि दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।