शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने अधिकारियों को जवाबदेही से करना होगा कार्य - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई
समय-सीमा बैठक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
पूर्व बैठक में दिए निर्देशों की समीक्षा में जताई नाराजगी, सुधार लाने दिए निर्देश
बेमेतरा 17 मार्च 2026 - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष (दिशा भवन) में आयोजित समय-सीमा बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारियों को जवाबदेही पूर्वक कार्य करना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर सुश्री ममगाई ने योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासनिक कसावट लाने के निर्देश देते हुए कहा कि जिन विभागों की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं पाई जाएगी, उनके जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल कागजी प्रगति पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखना चाहिए।
हितग्राही मूलक योजनाओं की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, महिला सशक्तिकरण एवं अन्य हितग्राही मूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई ने कहा कि इन योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से फील्ड विजिट कर योजनाओं का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें।
कलेक्टर सुश्री ममगाई ने समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रकरणों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और आवश्यक होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान और विकास कार्यों में गति लाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे आमजन से जुड़े मामलों को गंभीरता से लें और समाधान केंद्रित दृष्टिकोण अपनाएं।
पूर्व बैठक के निर्देशों की भी हुई समीक्षा
बैठक में पूर्व में आयोजित समय-सीमा बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पाया कि कुछ विभागों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, जिस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सतत मॉनिटरिंग और समन्वय आवश्यक है।
कलेक्टर ने सभी विभागों को लक्ष्य आधारित कार्य योजना तैयार कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि जो अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में जिला स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रमुख एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।