“अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” - स्वास्थ्य विभाग बेमेतरा

सीएमएचओ डॉ अमृतलाल रोहलेडर एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. बीएल राज द्वारा जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना  

कलेक्टर के निर्देश व सीएमएचओ के मार्गदर्शन पर विश्व मलेरिया दिवस पर जागरूकता अभियान का आयोजन 
बेमेतरा 25 अप्रैल 2026 - विश्व भर में 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष इसका आयोजन “Driven to End Malaria: Now We Can. Now We Must” (मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रेरित : अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा) थीम पर आधारित रहा। इसी क्रम में जिले में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 
       कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देशन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन एवं जिला नोडल अधिकारी (NVBDCP) डॉ. बीएल राज के देखरेख में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में विभिन्न जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। 

जन-जागरूकता रथ रवाना 
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमृत लाल रोहलेडर एवं जिला नोडल अधिकारी डॉ. बीएल राज द्वारा जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर मलेरिया से बचाव एवं उपचार संबंधी जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा। 

मलेरिया एक जानलेवा बीमारी, लक्षण 
कार्यक्रम में बताया गया कि मलेरिया एक जानलेवा बीमारी है, जो संक्रमित मादा मच्छर के काटने से फैलती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द एवं उल्टी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीजों की तुरंत जांच कर उचित उपचार किया जाना आवश्यक है, जो सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध है। 
अभियान के तहत दिए गए मुख्य संदेश 
# हर बुखार की जांच कराएं, मलेरिया की पहचान करें 
# समय पर जांच और पूर्ण उपचार से मलेरिया से बचाव संभव 
# मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें 
# स्वच्छ वातावरण बनाए रखें और मच्छरों को पनपने से रोकें 

        इसके साथ ही मच्छर एवं लार्वा नियंत्रण के तहत जमे हुए पानी में मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल ऑयल डालने तथा सामान्य मच्छरदानी को कीटनाशक से उपचारित कर उपयोग करने की सलाह दी गई। 
     विश्व मलेरिया दिवस के इस आयोजन के माध्यम से जिले में जन-जन तक जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया, जिससे मलेरिया उन्मूलन की दिशा में सामूहिक प्रयासों को और मजबूती मिल सके।