कांग्रेस हमेशा गरीब, किसान और मजदूर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ती रहेगी, मनरेगा का नाम बदल कर कमजोर, बंद करना है भाजपा की साजिश, जो स्वीकार व बर्दाश्त नहीं - जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा

जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष आशीष छाबड़ा के नेतृत्व में जिलें के हजारों कार्यकर्ता मनरेगा बचाओ महासंग्राम के तहत विधानसभा घेराव में हुए शामिल 
बेमेतरा 18 मार्च 2026 - प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित “मनरेगा बचाओ महासंग्राम” के तहत रायपुर में हुए विधानसभा घेराव कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष आशीष छाबड़ा (पूर्व विधायक बेमेतरा) के नेतृत्व में जिले से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मनरेगा से जुड़े श्रमिक शामिल हुए। इस दौरान जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्षों तथा हजारों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मनरेगा से जुड़े अनेक व्यक्तियों ने भी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचकर इस महासंग्राम में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इस महाआंदोलन में जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा, सभी ब्लॉक कांग्रेस कमेटियां, शहर कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई तथा संगठन के अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए और पूरे उत्साह व प्रबलता के साथ विधानसभा घेराव में भाग लेते हुए आंदोलन को मजबूत समर्थन दिया।
      इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी बेमेतरा अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक एवं जनहितकारी योजना है, जिसने देश के छोटे-से-छोटे गांवों में गरीब एवं मजदूर वर्ग को रोजगार उपलब्ध कराया। इस योजना के माध्यम से लाखों श्रमिकों को काम मिला, उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी द्वारा मनरेगा योजना को कमजोर करने, बंद करने तथा इसका नाम बदलने की साजिश की जा रही है, जो मजदूरों और इस योजना से जुड़े हर व्यक्ति के अधिकारों का सीधा हनन है। 
  जिलाध्यक्ष श्री छाबड़ा ने कहा कि जब-जब मजदूरों और किसानों के अधिकारों पर आंच आएगी, तब-तब कांग्रेस पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। कांग्रेस पार्टी हमेशा गरीब, किसान और मजदूर वर्ग की आवाज बनकर उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ती रहेगी।
  मनरेगा से जुड़े श्रमिकों, कांग्रेस पदाधिकारियों और हजारों कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराते हुए विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।