एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का ने किया सिटी कोतवाली एवं देवरबीजा, खण्डसरा का प्रथम अर्धवार्षिक निरीक्षण

डीआईजी के निर्देश पर एसडीओपी बेमेतरा ने जप्ती माल, मालखाना, डियुटी, मुर्त, जरायम, शिकायत, हिस्ट्रीशीट, ग्राम अपराध पुस्तिका, फ्रिगर प्रिंट रजिस्टर, अन्य रजिस्टर व तख्ती किए चेक 

अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त कार्यवाही एवं रात्रि में गस्त, पेट्रोलिंग, काम्बिग गस्त करने दिए निर्देश  
बेमेतरा 29 मार्च 2026 - पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश कुमार यादव के मार्गदर्शन पर 28 मार्च 2026 को एसडीओपी बेमेतरा भुषण एक्का ने थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा एवं चौकी देवरबीजा, खण्डसरा का प्रथम अर्धवार्षिक निरीक्षण किया गया। एसडीओपी बेमेतरा ने निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी/ कर्मचारियों का मनोबल बढाये जाने के साथ ही कानून व सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। 
    निरीक्षण के दौरान एसडीओपी ने थाना की जप्ती माल, मालखाना, जप्ती रजिस्टर, जरायम, शिकायत, डियुटी रजिस्टर, मुर्त रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट, ग्राम अपराध पुस्तिका, फ्रिंगर प्रिंट रजिस्टर, थाना/चौकी की अन्य रजिस्टर व तख्ती चेक किये एवं थाना का भ्रमण कर थाना की साफ सफाई हेतु विशेष ध्यान रखने हेतु तथा लंबित अपराधो, मर्ग, गुम, शिकायत और लंबित वारंटो की निकाल करने एवं असमाजिकतत्वो के विरूद्ध अधिक से अधिक प्रतिबंधात्मक एवं बाउंड ओवर की कार्यवाही करने व असामाजिक तत्वों तथा निगरानी बदमाशों, गुण्डों, शराब पीकर हुल्लड/मारपीट करने वालों के विरूद्ध सख्त प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने निर्देश दिए गए। 
   उन्होंने वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त पत्रों का सही समय में निकाल करने एवं वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों का पालन करने, ई-साक्ष्य का उपयोग करने व समस्त स्टाफ को डियुटी के दौरान निर्धारित साफ सुथरी वर्दी धारण करने तथा थाना में रिपोर्ट करने आये महिला आगंतुक/रिपोर्टकर्ता से संयमित व्यवहार करने एवं उनकी रिपोर्ट को गंभीरता पुर्वक लेते हुये तत्काल उचित कार्यवाही करने तथा अवैध कारोबारियो, अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवा एवं अन्य अवैध कार्यो में लिप्त लोगो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करने, मजबूत सूचना तंत्र विकसित कर बेहतर पुलिसिंग करने निर्देशित किया गया। 
   उन्होनें ने विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साइबर प्रहरी अभियान एवं त्रिनयन एप के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। “सशक्त एप” के माध्यम से वाहन चेकिंग को प्रभावी बनाने तथा स्मार्ट एवं हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। 
    कम्यूनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण हेतु मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने तथा विजिबल पुलिसिंग एवं चेकिंग अभियान को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण हेतु “ऑपरेशन मुस्कान” चलाने तथा संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। 
        एसडीओपी द्वारा समयबद्ध मामलों का शीघ्र निराकरण कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। तलाशी एवं जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य करते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया। 
एसडीओपी ने सरप्राइज चेकिंग के माध्यम से वाहनों की सघन जांच करने, “सशक्त एप” के उपयोग को बढ़ाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस स्टैंड, चौपाटी आदि में नियमित चेकिंग एवं संदिग्ध व्यक्तियों ठेला, गुमटी संचालकों एवं फेरीवालों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। 
   उन्होनें सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने, चोरी एवं अन्य अपराधों पर अंकुश हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग एवं कॉम्बिंग गश्त बढ़ाने तथा सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव”अभियान के माध्यम से हॉट/बाजारों एवं ग्रामों, स्कुल कालेजों में जागरूकता अभियान चलाने आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। 
  बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें तथा जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों की गतिविधियों की जानकारी संकलित करें। निगरानी एवं सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत नजर रखें तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचनाएं नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करें। 
      उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सुदृढ़ करना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से सूचना तंत्र मजबूत होगा और क्षेत्र पर पुलिस का नियंत्रण बेहतर होगा। 
       निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक सोनल ग्वाला, पुलिस चौकी प्रभारी देवरबीजा उप निरीक्षक योगेश अग्रवाल, उप निरीक्षक शैल शर्मा, पुलिस चौकी प्रभारी खण्डसरा सहायक उप निरीक्षक कंवल सिंह नेताम, सउनि दीनानाथ सिन्हा, जितेन्द्र कश्यप, एसडीओपी कार्यालय बेमेतरा से प्रधान आरक्षक देवनारायण तिवारी, आरक्षक पुकेश्वर दिल्लीवार, तुषार पाटिल सहित थाना/चौकी से प्रधान आरक्षक अवधेश सिंह, कामता प्रसाद साहू, रघुराज यदु, नरेन्द्र सिंह, भुषण ठाकुर, अनंत कोठारी, विजय साहू, आरक्षक रोशन वर्मा, स्वपनिल पांडेय, योगेन्द्र सोनी, छोटू राम, रवि साहू, प्रदीप ठाकुर, बिरेन्द्र साहू, मालिक राम सिन्हा, महेश जांगडे, कुसुम कोशले, देवेन्द्र साहू, संदीप साहू, खोमलाल निषाद, राजेन्द्र जायसवाल, सुशील यादव, राजेन्द्र मेरावी व अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।