कलेक्टर के निर्देश व जिला सीईओ की अध्यक्षता में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम पर जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी का दायित्वों, दी गई जानकारी 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 27 फरवरी 2026 - कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के आदेशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी के निर्देशानुसार जिला पंचायत सभागार में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 एवं बाल संरक्षण अधिनियम 2015 के संबंध में एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा की गई। 
      कार्यक्रम में विकासखंड नवागढ़, बेरला एवं बेमेतरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे। कार्यशाला में जिला बाल संरक्षण अधिकारी व्योम श्रीवास्तव द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य पत्र 16 जनवरी 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से राज्य के ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया गया है। अधिनियम के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु की बालिका तथा 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह प्रतिबंधित है। यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करता है, करवाता है, उसमें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग करता है, तो उसे 2 वर्ष तक के कठोर कारावास या एक लाख रुपये तक के जुर्माने अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। 
     बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 10 मार्च 2024 को संकल्प पारित कर 31 मार्च 2029 तक राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु चरणबद्ध तरीके से जनसहयोग एवं जनजागृति अभियान संचालित किया जा रहा है। 
     जिले के शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों, धर्मगुरुओं, समाज प्रमुखों, जन प्रतिनिधियों एवं ग्राम पंचायतों के माध्यम से बाल विवाह मुक्त होने संबंधी शपथ दिलाई जा रही है। 
        उल्लेखनीय है कि जिले की 417 ग्राम पंचायतों एवं 8 नगरीय निकायों द्वारा विगत दो वर्षों से एक भी बाल विवाह न होने के संबंध में प्रस्ताव पारित कर स्वयं को बाल विवाह मुक्त घोषित किया गया है। कार्यशाला में बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रावधानों पर चर्चा करते हुए अधिकारियों ने सभी संबंधितों से सजगता एवं सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।