बेमेतरा के जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की सुविधाओं एवं कार्यप्रणाली से अब तक 2086 बच्चे हुए कुपोषण से मुक्त
सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन के मार्गदर्शन पर पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चो के साथ पालक भी हो रहे लाभान्वित
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 10 फरवरी 2026 - बेमेतरा जिला में जिला के कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए पोषण पुनर्वास केन्द्र एनआरसी (NRC) जिला चिकित्साल्य बेमेतरा में संचालित है। जहाँ 1 माह से 05 वर्ष तक के बच्चों को भर्ती कर कुपोषण से मुक्त करने का कार्य किया जाता है। पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, एएनएम, चिरायु के टीम द्वारा भेजा जाता है एवं पालक स्वयं बच्चों को लाकर भी भर्ती करा सकते है। पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों को 15 दिवस तक भर्ती करके पोषन आहार एवं उचित दवाईयों के माध्यम से उपचार किया जा रहा है। पोषण पुनर्वास केन्द्र में गंभीर-कुपोषित बच्चों एवं ऐसे बच्चे जिन्हे लंबे समय से दस्त हो रहा हो या बार-बार बिमार पड़ते है, ऐसे बच्चे को भी एनआरसी में भर्ती कर सकते है। पोषक आहार में बच्चो को थेरापूटिक फूड, (F75, F100) फार्मूला मिल्क एवं समय समय पर नाश्ता (दलिया, हलवा, खिचड़ी, इडली, सेवई आदि) एवं माताओं को दो समय का भोजन प्रदाय किया जाता है तथा माता को 150 रु प्रतिदिन का 15 दिवस का 2250 रु छुट्टी पश्चात प्रदाय किया जाता है।
यहाँ पर दी जाने वाली सभी आवश्यक सुविधाएं मुफ्त में प्रदाय किया जाता है। जिला अस्पताल में स्थित पोषण पुनर्वास केन्द्र बेमेतरा में जनवरी 2013 से संचालित है, जिसमे कुल अब तक 2086 बच्चे भर्ती होकर सुपोषित हो चुके है।
वर्ष लाभान्तित
2013-14 87
2014-15 127
2015-16 149
2016-17 134
2017-18 225
2018-19 208
2019-20 213
2020-21 88
2021-22 33
2022-23 180
2023-24 221
2024-25 224
1 अप्रैल 2025 से 9 फ़रवरी 2026 - 197, अब तक कुल सुपोषित बच्चे 2086
जिला अस्पताल बेमेतरा के एमसीएच बिल्डिग में स्थित है एनआरसी
पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती बच्चों को सुपोषित करने हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं महिला बाल विकास विभाग से मितानिन व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष रूप से चिह्नित कर जिला चिकित्सालय बेमेतरा स्थित एनआरसी लाया जा रहा है। उक्त कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने जिला के कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर एवं सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू के मार्गदर्शन में एवं अस्पताल प्रमुख सलाहकार डॉ स्वाति यदु, शिशुरोग विशेषज्ञ डाँ दीपक कुमार निराला, चिकित्सा अधिकारी डॉ पवन वर्मा के देखरेख एवं फिडिंग डिमास्ट्रेटर श्रीमति दीप्ति धुरंधर के नेतृत्व में किया जा रहा है व स्टॉफ नर्स कु. अंकिता वर्मा, श्रीमति लक्ष्मी परगनिहा, ममता वर्मा, धनेश्वरी साहू और रोहिणी चंद्राकर के देखरेख में रखा जाता है, साथ में श्रीमति नमिता दुबे (कुक) के द्वारा भोजन तैयार किया जाता है। इन सभी के योगदान से कुपोषित बच्चों को सुपोषित, कुपोषण से मुक्त होकर स्वस्थ्य बच्चे को घर जाने हेतु छुट्टी दिया जाता है, जिनसे राज्य और देश में कुपोषित बच्चों की दर में कमी होने पर योगदान भी रहता है।