बलौदी में श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह में आज सुदामा चरित्र कथा
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 22 फरवरी 2026 - जिले के बेरला ब्लाक के ग्राम बलौदी में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के आठवें दिन कथावाचक पंडित जय श्रवण महाराज ने सुदामा चरित्र व सुखदेव विदाई का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मित्रता में गरीबी और अमीरी नहीं देखनी चाहिए। मित्र एक दूसरे का पूरक होता है।
भगवान कृष्ण ने अपने बचपन के मित्र सुदामा की गरीबी को देखकर रोते हुए अपने राज सिंहासन पर बैठाया और उन्हें उलाहना दिया कि जब गरीबी में रह रहे थे, तो अपने मित्र के पास तो आ सकते थे, लेकिन सुदामा ने मित्रता को सर्वोपरि मानते हुए श्रीकृष्ण से कुछ नहीं मांगा। उन्होंने बताया कि सुदामा चरित्र हमें जीवन में आई कठिनाइयों का सामना करने की सीख देता है। सुदामा ने भगवान के पास होते हुए अपने लिए कुछ नहीं मांगा। अर्थात निस्वार्थ समर्पण ही असली मित्रता है। कथा के दौरान परीक्षित मोक्ष व भगवान सुखदेव की विदाई का वर्णन किया गया। कथा के बीच-बीच में भजनों पर श्रद्धालुओं ने नृत्य भी किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रोता मौजूद रहे।
कथावाचक पंडित जय श्रवण ने बताया कि भागवत कथा का श्रवण से मन आत्मा को परम सुख की प्राप्ति होती है। भागवत में बताए उपदेशों उच्च आदर्शों को जीवन में ढालने से मानव जीवन जीने का उद्देश्य सफल हो जाता है। सुदामा चरित्र के प्रसंग में कहा कि अपने मित्र का विपरीत परिस्थितियों में साथ निभाना ही मित्रता का सच्चा धर्म है। मित्र वह है जो अपने मित्र को सही दिशा प्रदान करे, जो कि मित्र की गलती पर उसे रोके और सही राह पर उसका सहयोग दे।
कथा सुनने से भगवान के प्रति बढ़ जाती है भक्ति
कथावाचक पंडित जय श्रवण ने कहा कि श्रीमद् भागवत में श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र, उपदेश और उनकी महिमा के बारे में बताया। इसके माध्यम से भगवान के प्रति भक्ति और आस्था बढ़ती है। इसके श्रवण मात्र से ही व्यक्ति के अंदर आत्म विश्वास बढ़ता है, जीवन में सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का मूल मंत्र सदाचार है, जो इसे अपना लेता है, समाज उसे सम्मानित करता है। ऐसे व्यक्ति से भगवान भी प्रेम करते हैं। भागवत कथा में भक्ति ज्ञान, वैराग्य, ज्ञानयोग, कर्मयोग, समाजधर्म, स्त्रीधर्म, राजनीति का ज्ञान भरा है।
कथा श्रवण करने पहुंचे
श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथा सुनने पूर्व सांसद अशोक शर्मा, पूर्व महापौर रायपुर प्रमोद दुबे, सच्चिदानंद मिश्रा, विद्यानंद मिश्रा, आलोक तिवारी, दिनेश शर्मा, सत्यम पांडे, राम स्नेही पाण्डेय, रोशन पांडेय, जितेंद्र शुक्ला, राजेंद्र शर्मा, तखत साहू, भारत साहू, संतराम साहू, राजा शिवहरे, भावेश शर्मा, अशोक मिश्रा, निलेश सलूजा, ऋषि ठाकुर, शेखर देवांगन, संजय शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि पहुंचे।