जल संकट की गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रीष्मकालीन पंपजल संरक्षण अभियान लागू
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 15 जनवरी 2026 - कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई के आदेशानुसार जिले में वर्ष 2025-26 में अपेक्षाकृत कम वर्षा के कारण उत्पन्न जल संकट की गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्रीष्मकालीन पंपजल संरक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 01 जनवरी 2026 से 30 जून 2026 तक प्रभावशील रहेगा। आदेश में उल्लेख है कि भू-जल स्तर में अत्यधिक गिरावट को देखते हुए आगामी ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल संकट की रोकथाम हेतु यह निर्णय लिया गया है। अभियान के अंतर्गत ग्रीष्मकाल में धान की खेती एवं नवीन नलकूप खनन पर प्रतिबंध रहेगा।
साथ ही पंपजल के दुरुपयोग, अवैध दोहन तथा प्रतिबंधों के उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ पेयजल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उड़नदस्ता दल गठन - अभियान की प्रभावी निगरानी एवं क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है। यह दल जिलेभर में निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई करेगा। जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल के सदस्य मे जेपी गोंड कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग बेमेतरा, सीएल शिवहरे कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग बेमेतरा, एमडी डडसेना उप संचालक कृषि विभाग बेमेतरा, जेएस भटनागर कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी बेमेतरा शामिल है, इनके अलावा सभी ब्लॉक स्तरीय सदस्यों को भी शामिल किया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पेयजल संरक्षण जिले की सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों के उल्लंघन पर किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं बरती जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।