मनरेगा कानून गांव के लोगों को देता था जीवकोपार्जन, वही जी राम जी कानून लाकर भाजपा सरकार महात्मा गांधी के प्रति अपनी दुर्भावना दिखाते हुए लगी है ग्रामीण भारत को भी बर्बाद करने में - पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा

नारधी (बेरला) में पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने मनरेगा मजदूर से मुलाकात कर की चर्चा 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 28 जनवरी 2026 - बेमेतरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बेरला ब्लाक के ग्राम नारधी में आशीष छाबड़ा पूर्व विधायक बेमेतरा ने मौके पर जाकर मनरेगा मजदूरों से बातचीत की, उनसे जाना की उन्हें मनरेगा के माध्यम से किस तरह के कार्य मिलते थे और कितने दिनों का रोजगार उन्हें प्राप्त होता था। साथ ही साथ उन्होंने नए कानून को लेकर भी किसानो एवं मजदूर की राय जानने का प्रयास किया। जिसमें किसानों ने नए कानून के प्रति अपना रोस व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरीके के कानून आने से तो हम रोजगार से वंचित हो जाएंगे। 
        पूर्व विधायक आशीष छाबड़ा ने कहा कि मनरेगा के स्थान पर भाजपा की सरकार नया कानून जी राम जी योजना ला रही है, जो भारत के लोगों के साथ खिलवाड़ है। यह योजना मनरेगा कानून को समाप्त करने वाली है। आप सभी को अच्छे तरीके से पता है कि कोरोना काल में मनरेगा के द्वारा ही लोगों को काम मिला था भारत की अर्थव्यवस्था को गति मिल सकी थी। मनरेगा कानून गांव के लोगों को सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए जीवकोपार्जन देता है, वही जी राम जी कानून लाकर भाजपा सरकार महात्मा गांधी के प्रति अपनी दुर्भावना दिखाते हुए ग्रामीण भारत को भी बर्बाद करने में लगी हुई है। मनरेगा कानून को समाप्त करना ग्रामीण जनों के रोजगार पर सीधा हमला है। एक तो भाजपा की सरकार लोगों को रोजगार नहीं दे पा रही है। अगर गांव के लोगों को मनरेगा के माध्यम से कम मिलता है तो वह उसे भी छिनने का प्रयास कर रही है, कांग्रेस कमेटी इसके लिए लड़ाई लड़ेगी। 
  इस अवसर पर ग्राम नारधी से मनरेगा मजदूर एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।