आवास निर्माण नहीं करने वाले हितग्राहियों से राशि वसूली को जिला प्रशासन सख्त
जनपद पंचायत बेमेतरा क्षेत्र के ग्रामों में हुई कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 22 जनवरी 2026 - प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण में गंभीर लापरवाही बरतने एवं प्राप्त शासकीय राशि का दुरुपयोग करने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत के निर्देशन में जनपद पंचायत बेमेतरा अंतर्गत ऐसे हितग्राहियों से राशि वसूली हेतु प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
2016-23 में स्वीकृत आवासों में अनियमितता पर कार्रवाई
वित्तीय वर्ष 2016-23 के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत ऐसे आवास, जिनके हितग्राहियों ने राशि प्राप्त करने के पश्चात आवास निर्माण में रुचि नहीं ली एवं राशि का दुरुपयोग किया, उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इस क्रम में जनपद पंचायत बेमेतरा के कुल 84 हितग्राहियों से राशि वसूली हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बेमेतरा को प्रकरण दर्ज करने संबंधी पत्र प्रेषित किया गया है।
84 प्रकरणों में ग्रामवार हितग्राही शामिल
जिन ग्रामों के हितग्राहियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं, उनमें आन्दू, बबामोहतरा, बहेरा (कु), बालसमुंद, बाराडेरा, बसनी, बेरा, भन्सुली, भोईनाभाटा, बिलाई, चंदनु, दाढ़ी, फरी, गांगपुर (छिरहा), बाबा घटोली, हेमावन्द, जिया, जॉन्ग, करमतरा, केशतर, केवांछि, खैरझिटी, खामहि, खम्हरिया, खंडसरा, मरका, मउ, मुनरबोड, नवागांव (खु), नवागांव कला, निनवा, पचभैया, पौसरी, पेंड्रीतराई, पीपरभट्टा, सेमरिया, सिरवाबांधा एवं उशलापुर शामिल हैं। इन ग्रामों से कुल 84 हितग्राही चिन्हित किए गए हैं, जिनसे शासकीय राशि की वसूली की जाएगी।
लंबित आवासों पर भी होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-26 में स्वीकृत ऐसे आवास, जिनका निर्माण 06 माह से अधिक समय से लंबित है, उनके हितग्राहियों के विरुद्ध भी राशि वसूली हेतु प्रकरण दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। संबंधित हितग्राहियों को समय रहते आवास निर्माण पूर्ण करने का अंतिम अवसर दिया जाएगा।
योजना की गरिमा बनाए रखने सख्त कदम
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, न कि शासकीय राशि का दुरुपयोग। योजना की गरिमा बनाए रखने तथा लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति हेतु लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।