रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 26 से 29 दिसंबर तक कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में, बेमेतरा महाविद्यालय से 32 सदस्यीय दल विभिन्न विधाओं में करेगा सहभागिता
‘मड़ाई 2025’ रायपुर में दिखेगी भारतीय संस्कृति की झलक
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 23 दिसम्बर 2025 - भारत प्राचीन काल से ही अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में जाना जाता रहा है। यहां की सभ्यता, आस्था और संस्कृति समय के साथ निरंतर विकसित होती रही है और आज भी विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से अपनी पहचान बनाए हुए है। देश के अलग-अलग हिस्सों में पूरे वर्ष सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं, जो युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।
इसी कड़ी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा वर्ष 2025 में आयोजित होने वाला प्रतिष्ठित सांस्कृतिक आयोजन ‘मड़ाई 2025’ विशेष महत्व रखता है। इस आयोजन के अंतर्गत विश्वविद्यालय से संबद्ध समस्त कृषि महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं भारतीय संस्कृति, कला और परंपराओं से ओत-प्रोत होकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र बेमेतरा में भी इस भव्य सांस्कृतिक समारोह की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। महाविद्यालय परिसर में इन दिनों उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिल रहा है। छात्र-छात्राएं विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं की तैयारियों में पूरे मनोयोग से जुटे हुए हैं और अपनी प्रस्तुतियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं।
यह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम दिनांक 26 से 29 दिसंबर 2025 तक कृषि महाविद्यालय परिसर रायपुर में आयोजित किया जाएगा। ‘मड़ाई 2025’ के अंतर्गत मेहंदी, रंगोली, संगीत, नृत्य, साहित्यिक प्रतियोगिताएं, रंगमंच, एकांकी नाटक, अभिनय, नकल, स्थल पर चित्रकला सहित अनेक विधाओं को शामिल किया गया है, जिनमें छात्र-छात्राएं अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता के मार्गदर्शन एवं देखरेख में इस प्रतियोगिता के लिए रेवेंद्र सिंह वर्मा कृषि महाविद्यालय बेमेतरा से 32 सदस्यीय दल विभिन्न विधाओं में सहभागिता करेगा। इस दल का नेतृत्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नोडल अधिकारी डॉ. असित कुमार द्वारा किया जाएगा।महाविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से छात्रों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों एवं रचनात्मक सोच का भी विकास होता है। ‘मड़ाई 2025’ निश्चित रूप से कृषि छात्रों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और सांस्कृतिक विरासत को आत्मसात करने का एक सशक्त मंच सिद्ध होगा।