मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता सामाजिक अंकेक्षण के तहत जिला पंचायत बेमेतरा अध्यक्ष श्रीमती तिवारी ने डंगनिया ख व कुम्हिगुड़ा शालाओं का किया निरीक्षण
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा 16 दिसंबर 2025 - मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत आज जिलें के बेरला ब्लाक के देवरबीजा संकुल के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डंगनिया ख एवं शासकीय प्राथमिक शाला कुम्हिगुडा में एमएमएसजीए (MMSGA) ऐप के माध्यम से सामाजिक अंकेक्षण किया गया।
यह सामाजिक अंकेक्षण जिला पंचायत बेमेतरा अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी के नेतृत्व एवं संकुल समन्वयक भगवान सिंह राजपूत की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उल्लेखनीय है कि ये दोनों शालाएँ मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता आकलन में डी-ग्रेड श्रेणी में आई थीं, जिसके चलते शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हेतु यह विशेष निरीक्षण किया गया।
शालाओं की हर व्यवस्था की हुई बारीकी से समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत बेमेतरा अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी द्वारा विद्यालयों की संपूर्ण व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया गया।
इस दौरान उन्होंने - विद्यार्थियों के सीखने के स्तर एवं शैक्षणिक प्रगति, विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाएँ, किचन गार्डन की स्थिति एवं उपयोग, शौचालयों की स्वच्छता, विज्ञान विषय में प्रयोगात्मक गतिविधियाँ, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति
जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का एमएमएसजीए ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से सामाजिक अंकेक्षण किया गया।
बच्चों की शिक्षा से कोई समझौता नहीं - श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी
निरीक्षण के श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी ने कहा “शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। डी-ग्रेड में आई शालाओं को विशेष निगरानी में रखते हुए बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। शिक्षक बच्चों को केवल किताबों तक सीमित न रखें,
बल्कि प्रयोगात्मक और व्यवहारिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दें।”
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालयों में स्वच्छता, अनुशासन और नियमित उपस्थिति शिक्षा गुणवत्ता का आधार है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यह सामाजिक अंकेक्षण शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, शालाओं की ग्रेडिंग सुधारने और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी ने विश्वास जताया कि आगामी समय में इन शालाओं की शैक्षणिक स्थिति में निश्चित रूप से सुधार देखने को मिलेगा।