श्रीकृष्ण-रूखमणी विवाह कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

श्रीकृष्ण-रूखमणी विवाह कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

बारगांव (बेरला) में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में उमड़ी श्रोताओं की भीड़ 

सुदामा चरित्र आज, तुलसी वर्षा व पूर्णाहुति होगी कल 
प्रमोद गुप्ता/बेमेतरा/बेरला 24 दिसम्बर 2025 - बेमेतरा जिले के बेरला ब्लाक के ग्राम बारगांव में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के 6 वें दिन बुधवार को कथावाचक आचार्य पंडित खिलेंद्र दुबे (खमतराई वाले) ने श्रीकृष्ण-रूखमणी विवाह प्रसंग का रसपान कराते हुए कहा कि विदर्भ के राजा भीष्मक के घर रुक्मणी का जन्म हुआ। बाल अवस्था से भगवान श्रीकृष्ण को सच्चे हृदय से पति के रूप में चाहती थीं। लेकिन भाई रुक्मणी का विवाह शिशुपाल के साथ कराना चाहता था।
रुक्मणी ने अपने भाई की इच्छा जानी तो उसे बड़ा दुख हुआ। अत: शुद्धमति के अंतपुर में एक सुदेव नामक ब्राह्मण आता-जाता था। रुक्मणी ने उस ब्राह्मण से कहा कि वे श्रीकृष्ण से विवाह करना चाहती हैं। सात श्लोकों में लिखा हुआ मेरा पत्र तुम श्रीकृष्ण तक पहुंचा देना। उन्होंने बताया कि रुक्मणी ने स्वयं को प्राप्त करने के लिए उपाय भी बताया। 
पत्र में रुक्मणी ने बताया कि वह प्रतिदिन पार्वती की पूजा करने के लिए मंदिर जाती हैं, श्रीकृष्ण आकर उन्हें यहां से ले जाओ। पत्र के माध्यम से रुक्मणी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि आप इस दासी को स्वीकार नहीं करेंगे तो मैं हजारों जन्म लेती रहूंगी। मैं किसी और पुरुष से विवाह नहीं करना चाहती हूं। उन्होंने बताया कि पार्वती के पूजन के लिए जब रुक्मणी आई, उसी समय प्रभु श्रीकृष्ण रुक्मणी का हरण कर ले गए। अत: रुक्मणी के पिता ने रीति रिवाज के साथ दोनों का विवाह कर दिया। इंद्र लोक से सभी देवताओं द्वारा पुष्पों की वर्षा की तथा खुशियां लुटाई।  
    भागवत कथा श्रवण करने सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा, सरदा भाजपा मंडल अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा, सरपंच शशिकला मिश्रा, कृष्णा सोनी, छम्मन यादव, लीलाधर साहू, हीरा साहू, राजा देवांगन, डॉ. भागीरथी साहू, प्रदीप यादव, कारणरूप देवांगन, राजेश यादव, देवेन्द्र साहू, गंगाराम साहू, विष्णु साहू, बिरेन्द्र साहू, विनीता मिश्रा, बल्लू साहू सहित भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे।